(डिजाइन फोटो) 
बॉलीवुड

हॉरर और कॉमेडी का तड़का है राजकुमार राव-श्रद्धा कपूर स्टारर ‘स्त्री 2’

फिल्म में राजकुमार राव ने अपनी अदाकारी से यकीनन दिल जीत लिया है। श्रद्धा कपूर ने बेहद सशक्त महिला की भूमिका निभाई है। पंकज त्रिपाठी हमें खूब हंसाते हैं। अपारशक्ति खुराना ने भी बढ़िया काम किया है। जना के किरदार में अभिषेक बनर्जी शुरू से लेकर अंत तक आपको लोटपोट कर देंगे।

सोनाली झा

रेटिंग्स: 4/5

कहानी: साल 2018 में आई फिल्म ‘स्त्री’ की शानदार सफलता के 6 साल बाद अब मैडॉक फिल्म्स ने इस कड़ी की आगे की कहानी पेश करते हुए फिल्म ‘स्त्री 2’ को पेश है। फिल्म के पहले पार्ट में हमने देखा था कि किस प्रकार विक्की उर्फ राजकुमार राव चंदेरी गांव को ‘स्त्री’ से प्रभाव से न सिर्फ बचाते हैं, बल्कि उन्हें गांव में वो सम्मान दिलाते हैं जिसकी वे हकदार है। अब क्योंकि गांव से ‘स्त्री’ दूर चली गई है तो वहां सरकटे की एंट्री होती है। कहानी में इस बार ट्विस्ट है क्योंकि पिछली बार ‘स्त्री’ पुरुषों को उठाकर ले जाती है और इस बार सरकटा नाम का राक्षस गांव से महिलाओं को उठाकर ले जाता है। सरकटा कोई और नहीं बल्कि गांव का पूर्वज ही है जो कभी पितृसत्तात्मक सोच रखा करता था और महिलाओं को समाज में आगे बढ़ते नहीं देखना चाहता था। सरकटा एक एक करके गांव की कई महिलाओं को उठा ले गया है और इस बार उसका अंत करने के लिए विक्की के साथ कई शक्तियां एक हो जाती हैं और उसका अंत करती हैं।

अभिनय: फिल्म में राजकुमार राव ने अपनी अदाकारी से यकीनन दिल जीत लिया है। चाहे वो एक भोले भले व्यक्ति का एक्सप्रेशन हो, डर का या कॉमेडी का, इन सभी को वे बेहद शानदार तरीके से निभाते हैं। फिल्म में श्रद्धा कपूर ने बेहद सशक्त महिला की भूमिका निभाई है। उनके किरदार में गंभीरता और रहस्य है जिसे उन्होंने पर्दे पर बेहद शानदार तरीके से दर्शाया है। फिल्म में पंकज त्रिपाठी हमें खूब हंसाते हैं। उनकी सादगी और सरलता से भरे डायलॉग्स और एक्सप्रेशन्स कहानी में मनोरंजन के स्तर को बढ़ाते हैं। बात करें अपारशक्ति खुराना की तो उन्होंने भी बढ़िया काम किया है। फिल्म में जना के किरदार में अभिषेक बनर्जी शुरू से लेकर अंत तक आपको लोटपोट कर देंगे। मासूमियत से भरा उनका अंदाज और उनकी कॉमिक टाइमिंग लाजवाब है।

फाइनल टेक: चंदेरी पुराण में ‘स्त्री’ और फिर ‘सरकटा’, इन दोनों के अतीत को बताया गया है। जिस तरह से इस फिल्म की कहानी को तैयार किया गया है। ये हमें बचपन में कभी दादी-नानी से सुनी कहानी का अहसास कराती है जिसके कारण दर्शक इस स्टोरी से जुड़ाव महसूस करेंगे। शुरू से लेकर अंत तक फिल्म कहीं से भी बोर नहीं करती। फिल्म की स्क्रीनप्ले बेहद बढ़िया ढंग से लिखी गई है और ये सीधे मुद्दे पर बात करती है। करीब 2 घंटे 36 मिनट की ये फिल्म आपको डराती है तो साथ ही भरपुर हंसाती भी है। फिल्म में सिंपल कॉमेडी और गजब का हॉरर जोड़ा गया है। ये एक फैमिली फिल्म है जो आप सभी को सिनेमाघरों में भरपूर एंटरटेन करेगी।

Delhi Protest: राहुल गांधी की याचिका पर कल SC में सुनवाई, दिपके का 16 अक्टूबर को CP जाने का ऐलान

OBC आयोग की रिपोर्ट का इंतजार किए बिना हो पंचायत चुनाव, हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरकार के पास क्या विकल्प?

इंडिया गेट पहुंचे राहुल गांधी, धरने पर बैठे अंकिता भंडारी के परिवार से कर रहे मुलाकात

अभिजीत दिपके का बड़ा ऐलान, 16 अक्टूबर को दिल्ली में फिर जुटेंगे कॉकरोच; CP में फहराएंगे तिरंगा

तिरंगा लहराना कब से अपराध हुआ? CJP नेताओं की गिरफ्तारी पर भड़के आदित्य ठाकरे, केंद्र सरकार पर बोला तीखा हमला