यवतमाल लिंगानुपात का अंतर सोर्स: सोशल मीडिया
यवतमाल

यवतमाल में और बढ़ा लिंगानुपात का अंतर, GMC-स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले अनुमानित आबादी 32 लाख के करीब पहुंची

Yavatmal population 2026: यवतमाल की अनुमानित आबादी 2026 में 31.80 लाख पहुंची। 2011 में बाल लिंगानुपात प्रति 1,000 लड़कों पर 922 लड़कियां था। GMC में आठ महीने में 4,279 प्रसव दर्ज हुए।

मनीषा बोंदरे

Highlights

  • 2026 में यवतमाल की अनुमानित आबादी करीब 31.80 लाख।

  • 2011 की जनगणना में प्रति 1,000 लड़कों पर 922 लड़कियां दर्ज थीं।

  • 2001 से 2011 के बीच बाल लिंगानुपात में 11 अंकों की गिरावट।

  • जनवरी से अगस्त 2026 तक GMC में 4,279 प्रसव दर्ज किए गए।

  • कुल प्रसवों में 1,955 सिजेरियन, यानी करीब 45.7 प्रतिशत रहे।

Yavatmal Population Child Sex Ratio PCPNDT Act: यवतमाल जिले की अनुमानित आबादी 2026 में करीब 31.80 लाख पहुंच गई है। वहीं, 2011 की जनगणना के अनुसार बाल लिंगानुपात प्रति 1,000 लड़कों पर 922 लड़कियां था। वसंतराव नाईक शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय एवं अस्पताल में जनवरी से अगस्त 2026 के दौरान 4,279 प्रसव दर्ज हुए, जिनमें 45.7 प्रतिशत सिजेरियन थे।

32 लाख के करीब पहुंची जिले की आबादी

यवतमाल जिले की आबादी लगातार बढ़ रही है। उपलब्ध अनुमान के मुताबिक, वर्ष 2026 में जिले की जनसंख्या करीब 31 लाख 80 हजार तक पहुंच गई है। वहीं, बाल लिंगानुपात में दर्ज गिरावट और बढ़ती आबादी के साथ बुनियादी सुविधाओं पर संभावित दबाव ने चिंता बढ़ाई है।

वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, जिले की आबादी 27 लाख 72 हजार 348 थी। वर्ष 2026 के अनुमान से तुलना करें तो 15 वर्षों में करीब 4 लाख 7 हजार 652 की वृद्धि का अनुमान है। यह लगभग 14.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। आबादी बढ़ने के साथ पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन और रोजगार जैसी सुविधाओं के विस्तार की जरूरत भी बढ़ेगी।

बाल लिंगानुपात में 11 अंकों की गिरावट

यवतमाल जिले के सामाजिक आंकड़ों में बाल लिंगानुपात का मुद्दा महत्वपूर्ण है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2001 में प्रति 1,000 लड़कों पर 933 लड़कियां थीं। वर्ष 2011 में यह संख्या घटकर 922 रह गई। यानी एक दशक में 11 अंकों की गिरावट दर्ज हुई।

हालांकि, ये आंकड़े 2001 और 2011 की जनगणना के हैं। इनके आधार पर वर्ष 2026 का मौजूदा बाल लिंगानुपात निर्धारित नहीं किया जा सकता। गिरावट के कारणों को समझने के लिए अद्यतन आंकड़ों और विस्तृत अध्ययन की जरूरत है। केवल इन आंकड़ों के आधार पर भ्रूण लिंग जांच या किसी गैरकानूनी गतिविधि का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

लिंगानुपात आंकड़े

सोनोग्राफी केंद्रों पर निगरानी जरूरी

भ्रूण के लिंग की जांच और उसके आधार पर होने वाले गैरकानूनी कृत्यों को रोकने के लिए पीसीपीएनडीटी कानून का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है। इसके तहत पंजीकृत सोनोग्राफी केंद्रों की नियमित जांच, रिकॉर्ड की समीक्षा और नियमों के पालन पर निगरानी महत्वपूर्ण है।

प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में केंद्रों के खिलाफ नियम उल्लंघन की शिकायतें नहीं मिलने के कारण नोटिस या अन्य कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि, शिकायत नहीं मिलना अपने आप में नियमों के पूर्ण पालन का प्रमाण नहीं है।

आठ महीने में 4,279 प्रसव, 45.7 प्रतिशत सिजेरियन

यवतमाल स्थित वसंतराव नाईक शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय एवं अस्पताल में जनवरी से अगस्त 2026 के दौरान कुल 4,279 प्रसव दर्ज किए गए। इनमें 2,324 सामान्य और 1,955 सिजेरियन प्रसव शामिल थे। इस तरह कुल प्रसवों में सिजेरियन का हिस्सा करीब 45.7 प्रतिशत रहा।

अगस्त में सर्वाधिक 636 प्रसव दर्ज किए गए, जबकि जून में 426 प्रसव हुए। अस्पताल में जन्म लेने वाले लड़कों और लड़कियों की अलग-अलग संख्या उपलब्ध नहीं होने के कारण इन आंकड़ों से बाल लिंगानुपात का आकलन नहीं किया जा सकता।

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