Pusad City Pus River Incomplete: यवतमाल जिले के अंतर्गत आने वाले पुसद शहर में पूस नदी पर निर्माणाधीन पुल का काम पिछले ढाई से तीन वर्षों से अधूरा पड़ा होने के कारण वाहन चालकों और यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। अधूरे निर्माण, खुले गड्ढों और सुरक्षा व्यवस्था के अभाव के कारण यह मार्ग हादसों का केंद्र बनता जा रहा है।
नागरिकों ने संबंधित ठेकेदार पर कार्रवाई करने और पुल का काम जल्द पूरा करने की मांग की है। पुसद सार्वजनिक निर्माण विभाग के अंतर्गत आने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग पर पुराने पुल को तोड़कर नए पुल का निर्माण शुरू किया गया था।
करीब 30 महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुल का काम पूरा नहीं हुआ है। नागपुर-दिग्रस-माहूर मार्ग को जोड़ने वाला यह रास्ता हमेशा व्यस्त रहता है, जिससे अधूरे पुल के कारण दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि ठेकेदार की लापरवाही के कारण काम में लगातार देरी हो रही है।
पुल पर यातायात के लिए एक लेन शुरू कर दी गई है, लेकिन सुरक्षा के लिए आवश्यक दिशा-निर्देशक बोर्ड, चेतावनी फलक, रिफ्लेक्टर, ब्लिंकर और लाल बत्ती जैसी सुविधाएं नहीं लगाई गई हैं। साथ ही निर्माण कार्य से संबंधित जानकारी देने वाला बोर्ड भी नहीं लगाया गया है।
अंधेरे में सड़क का- अंदाजा नहीं आने से वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। हाल ही में मोटरसाइकिल से जा रहे प्रेम पवार नामक युवक का पुल के पास गंभीर हादसा हो गया। इसमें उनके सिर और छाती में गंभीर चोटें आईं और उन्हें इलाज के लिए यवतमाल के अस्पताल में भर्ती कराया गया।
नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पुल का निर्माण पूरा नहीं किया गया और सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई तो ठेकेदार के खिलाफ तीव्र आंदोलन किया जाएगा। सार्वजनिक निर्माण विभाग से मांग की गई है कि मूल ठेकेदार और उप-ठेकेदार को तत्काल काम पूरा करने के निर्देश दिए जाएं, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
नागरिकों और जनप्रतिनिधि ने आरोप लगाया कि बार-बार सूचना देने के बावजूद ठेकेदार और सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। काम की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। नगर परिषद के जलापूर्ति सभापति राजू सोलंके और हादसे में घायल युवक की पत्नी योगिता दीपक पवार ने प्रशासन को शिकायत देकर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और लापरवाही के लिए मामला दर्ज करने की मांग की है।