Yavatmal Traffic Police Staff Crisis :यवतमाल जिला यातायात नियंत्रण उपशाखा पांढरकवडा के अंतर्गत आने वाले विस्तृत क्षेत्र की यातायात व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह चरमराने की स्थिति में पहुंच गई है। उपशाखा में कुल 12 अधिकारियों और कर्मचारियों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में मात्र 3 कर्मचारियों के भरोसे पूरा कामकाज चलाया जा रहा है। इनमें एक सहायक पुलिस निरीक्षक, दो सहायक पुलिस उपनिरीक्षक (ASI) और एक चालक शामिल हैं।
विशेष बात यह है कि यहां कार्यरत दो एएसआई का अन्य स्थानों पर तबादला भी हो चुका है। यदि उन्हें कार्यमुक्त किया जाता है तो उपशाखा में कर्मचारियों की संख्या शून्य हो जाएगी। इससे पांढरकवडा यातायात उपशाखा के अस्तित्व पर ही संकट खड़ा होने की आशंका जताई जा रही है। पांढरकवडा यातायात उपशाखा के अधिकार क्षेत्र में पांढरकवडा, वडकी, रालेगांव, घाटंजी और पारवा सहित चार से पांच पुलिस थानों का बड़ा क्षेत्र आता है। राष्ट्रीय और राज्य मार्गों पर यातायात नियंत्रण, दुर्घटनाओं की रोकथाम, वीआईपी बंदोबस्त तथा शहर की आंतरिक यातायात व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी इसी विभाग पर है। लेकिन स्वीकृत पदों की तुलना में बेहद कम स्टाफ होने के कारण इतने बड़े क्षेत्र में प्रभावी नियंत्रण रखना मुश्किल हो गया है।
वडकी, रालेगांव, घाटंजी, पारवा और पांढरकवडा में लगने वाले साप्ताहिक बाजारों तथा त्योहारों के दौरान यातायात का दबाव काफी बढ़ जाता है। ऐसे समय में उपलब्ध तीन कर्मचारियों के लिए सभी स्थानों पर एक साथ मौजूद रहना संभव नहीं हो पाता। कर्मचारियों की कमी के कारण कार्यरत स्टाफ पर अत्यधिक काम का बोझ बढ़ गया है। यदि जल्द ही अतिरिक्त कर्मचारी उपलब्ध नहीं कराए गए तो क्षेत्र की यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो सकती है।
जिला यातायात नियंत्रण उपशाखा, पांढरकवडा के एपीआई प्रकाश तायडे ने बताया कि उपलब्ध कर्मचारियों के साथ वडकी, रालेगांव, घाटंजी, पारवा और पांढरकवडा क्षेत्रों में साप्ताहिक बाजारों सहित अन्य दिनों में भी यातायात व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाई जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में उपशाखा में केवल तीन कर्मचारी कार्यरत हैं। रिक्त पदों के संबंध में वरिष्ठ कार्यालय को विस्तृत जानकारी भेजी गई है। वरिष्ठ अधिकारियों ने जल्द नए कर्मचारियों की नियुक्ति का आश्वासन दिया है, जिससे निकट भविष्य में स्टाफ की कमी दूर होने की उम्मीद है।