वेकोलि माजरी खदान ग्रेडर मशीन (फोटो सोर्स- नवभारत) 
महाराष्ट्र

WCL माजरी खदान में दर्दनाक हादसा: ग्रेडर मशीन के नीचे आने से ट्रिपमैन की मौत, सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

Chandrapur Accident News: वेकोलि माजरी क्षेत्र की नागलोन खदान में ग्रेडर मशीन की चपेट में आने से ट्रिपमैन सजीवन राम की मौत हो गई। घटना के बाद वेकोलि प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लग रहे हैं।

रूपम सिंह

Chandrapur Western Coalfields Ltd Accident Employee Death: चंद्रपुर जिला के वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड माजरी क्षेत्र में नागलोन यूजी 2 से ओसी खदान में गुरुवार सुबह हुए एक भयानक हादसे में वेकोलि के एक कर्मचारी की ग्रेडर मशीन के नीचे आने से मौत हो गई। इस घटना से इलाके में हंगामा मच गया है और एक बार फिर वेकोलि के सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ गए हैं। मृत कर्मचारी का नाम सजीवन दसमीराम राम (47) माईंस क्वार्टर वार्ड नंबर-4, निवासी है। वह वेकोलि माजरी इलाके के नागलोन UG से OC खदान में ट्रिपमैन के तौर पर काम कर रहा था। वह गुरुवार को सुबह 4 बजे से दोपहर 12 बजे तक सुबह की शिफ्ट में ड्यूटी पर था।

सुबह करीब 10 बजे खदान के कोल स्टाक क्षेत्र में काम चल रहा था, तभी ग्रेडर मशीन के नीचे आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूत्रों के मुताबिक, यह हादसा तब हुआ जब ग्रेडर ऑपरेटर चंदन कैथल एक कोल साइडिंग पर ग्रेडर मशीन को पीछे ले रहा था तभी मृतक सजीवन राम वहां से गुजर रहा था कि पीछे से ग्रेडर मशीन उस पर चढ़ गई। लोहे की ग्रेडर मशीन में दबने से उसके सिर पर गंभीर और गहरी चोट आई।

जिससे उसकी मौत हो गई। वेकोलि माजरी क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर इस घटना ने गंभीर सवाल खड़े किये हैं। खास बात यह है कि सजीवन राम को गुरुवार को अपनी बेटी की शादी की तारीख तय करने के लिए उत्तरप्रदेश में अपने गांव जाना था। बताया गया है कि उन्हें काम पर बुलाया गया, जबकि वह नियमित ड्यूटी पर नहीं थे, जिससे कर्मचारियों में गुस्से का माहौल है।

घटना को दबाने की कोशिश

इस बीच, जहां चर्चा है कि हादसे में सजीवन राम की मौके पर ही मौत हो गई, वेकोलि के एक अस्पताल में ले जाया गया वहीं चंद्रपुर जिला के वेकोलि माजरी के अधिकारी उसका इलाज चल रहा कह रहे थे। इससे इस पूरे मामले में शक का माहौल भी बन गया था। इलाके में चर्चा है कि वेकोलि प्रशासन इस घटना को दबाने की कोशिश कर रहा है।

हालांकि, इस मामले में वेकोलि अधिकारियों की तरफ से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। चूंकि अधिकारी चुप हैं, इसलिए कर्मचारियों और नागरिकों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हो गई थी। वेकोलि प्रशासन के महाप्रबंधक और अन्य सभी बड़े अधिकारी वेकोलि के अस्पताल में पहुंचने के बाद दोपहर मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

निष्पक्ष और पूरी जांच करने की हुई मांग

घटना की जानकारी मिलते ही डायरेक्टरेट जनरल ऑफ माइंस सेफ्टी (DGMS) के अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। बताया जा रहा है कि चीफ डायरेक्टर ऑफ माइंस (CMD) भी मौके का दौरा करेंगे। इसलिए, उम्मीद जताई जा रही है कि हादसे की पूरी जांच होगी।

इस हादसे की वजह से वेकोलि खदान में मजदूरों की सुरक्षा का मुद्दा फिर से सामने आ गया है। सवाल उठ रहा है कि क्या बार-बार हो रहे हादसों की वजह से सुरक्षा के उपाय ठीक से लागू हो रहे हैं? वेकोलि के मजदूरों ने भी इस घटना पर गहरा गुस्सा जताया है और निष्पक्ष एवं पूरी जांच की मांग की है।

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