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एल-नीनो के संभावित असर और सूखे जैसे हालात को देखते हुए वाशिम प्रशासन ने जल संरक्षण के काम तेज करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी योगेश कुंभेजकर ने 15 अक्टूबर को जलयुक्त शिवार अभियान 2।0 की समीक्षा बैठक की।
जिले के सभी 166 चयनित गांवों को जलपरिपूर्ण बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
Washim Water Conservation: वाशिम जिले में एल-नीनो के संभावित असर और सूखे जैसे हालात को देखते हुए, आने वाले समय में पानी की कमी से निपटने के लिए पानी बचाने के कामे प्रभावी तरीके से किए जाने चाहिए। प्रलंबित कामें तय समय में पूरे करके जलस्रोतो का मजबुत करने और भूजल पुनर्भरण के कामो को तेजी लाने के निर्देश जिलाधिकारी योगेश कुंभेजकर ने दिए है।
जलयुक्त शिवार अभियान 2.0 जायजा बैठक 15 अक्टूबर को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिलाधिकारी कार्यालय के काटेपूर्णा सभागृह में आयोजित की गई थी, इस अवसर पर वे बोल रहे थे। बैठक के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी अर्पित चौहान, सहाय्यक वनसंरक्षक सुशील मंतावार, जिला जलसंधारण अधिकारी हरेंद्र वाघमारे, जिला अधिक्षक कृषि अधिकारी आरीफ शाह, उपविभागीय अधिकारी संतोष वालके, लघु सिंचन विभाग के कार्यकारी अभियंता रजत बिजवे आदि प्रमुखता में उपस्थित थे।
जिलाधिकारी ने पानी की संभावित कमी को देखते हुए नियोजन किए गए कामों को समय पर पूरा करने, अधूरे कामों की जियो-टैगिंग करने और कार्यपूर्तता प्रमाणपत्रे जमा करने की बात कही। जिले में पानी का बैलेंस सकारात्मक है। आराखडे में समाविष्ट गावे सभी 166 गांव जलपरिपूर्ण होना चाहिए। इस के अनुसार कामों की पुनर्रचना करके अनावश्यक काम कम कर जिओ पोर्टल पर रजिस्टर्ड 2 हजार 389 काम पूरे हो चुके हैं। उर्वरित कामों का जिओ-टॅगिंग पूरे करने की सूचना भी जिलाधिकारी ने इस अवसर पर संबंधित दी।
पानी स्टोरेज क्षमता बढ़ाने के लिए, जिलाधिकारी योगेश कुंभेजकर ने गाद-मुक्त बांध और गाद-युक्त शिवार पहल ने तहत निधि मांग के सुधारित प्रशासकीय मान्यता के लिए जमा करने और कामों में तेजी लाने के निर्देश भी जिलाधिकारी कुंभेजकर ने दिए।