Maharashtra Drought Relief Controversy: महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने आरोप लगाया है कि कर्नाटक में चुनावी रिकॉर्ड गायब होना, पश्चिम बंगाल में ईवीएम मशीनों का जलना और बिना किसी कानूनी प्रावधान के केवल एसआईआर के नाम पर करोड़ों मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाना, ये सभी घटनाएं साबित करती हैं कि चुनाव आयोग भारतीय जनता पार्टी का हस्तक बन गया है।
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ तत्काल देशद्रोह का मामला दर्ज कर गिरफ्तार करने की मांग की। सपकाल ने कहा कि कांग्रेस का 'वोट चोर, गद्दी छोड़' का नारा अब पूरी तरह सही साबित हो रहा है और इसके समर्थन में हर तरफ से ठोस सबूत सामने आ रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी और शाह की 'रंगा-बिल्ला' की जोड़ी अब 'वह मैं नहीं' का नाटक कर रही है लेकिन उनका पर्दाफाश हो चुका है।
वाशिम जिला में सपकाल ने केंद्रीय चुनाव आयोग की संदिग्ध भूमिका, सूखे से जूझ रहे किसानों के लिए घोषित 5,000 रुपये की अपर्याप्त सहायता, मंत्रियों के ठाठ-बाट और वीआईपी गाड़ियों की खरीद के लिए सरकार द्वारा मंजूर 12 करोड़ रुपये के खर्च को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला।
चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप सर्वोच्च न्यायालय द्वारा चुनाव आयोग की भूमिका पर उठाए गए सवालों की पृष्ठभूमि में सपकाल ने कहा कि कर्नाटक में चुनाव के आधिकारिक रिकॉर्ड का गायब होना, बंगाल में ईवीएम मशीनों का जलकर खाक होना और एसआईआर के माध्यम से गैरकानूनी तरीके से मतदाताओं के नाम सूची से हटाना, देश में लोकतंत्र को खत्म करने की पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मतों की चोरी के इस पूरे मामले से बचने के लिए मोदी और शाह की 'रंगा-बिल्ला' की जोड़ी 'वह मैं नहीं' का नाटक कर रही है लेकिन जनता अब सब कुछ समझ चुकी है। लोकतंत्र का गला घोंटने के आरोपी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ तत्काल देशद्रोह का मामला दर्ज कर मुकदमा चलाया जाए।
राज्य में सूखे की स्थिति और सरकार की आर्थिक फिजूलखर्ची पर निशाना साधते हुए सपकाल ने कहा कि सूखे में सब कुछ गंवा चुके किसानों को देने के लिए सरकार के पास केवल 5,000 रुपये हैं। किसानों को सहायता देने की बारी आती है, तो सरकार के पास पैसे नहीं होने का रोना शुरू हो जाता है।
एक तरफ किसान बदहाल हैं, वहीं सत्ताधारी मंत्री जनता के पैसे से काजू-बादाम खा रहे हैं। किसानों को सूखे की मार झेलने के लिए छोड़कर वीआईपी लोगों के लिए 12 करोड़ रुपये की नई, चमचमाती और वातानुकूलित गाड़ियां खरीदी जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का बेशर्मी भरा रवैया बार-बार जनता के सामने उजागर हो रहा है।
मुख्यमंत्री फडणवीस द्वारा 5 हजार रुपये की सहायता को 'दिवाली की सबसे बड़ी मदद' बताए जाने पर सपकाल ने कहा कि किसानों को केवल 5 हजार रुपये की सहायता देकर अपनी पीठ थपथपाने वाले सत्ताधारियों को शर्म आनी चाहिए।
महाराष्ट्र की जनता ने दिवंगत विलासराव देशमुख और पृथ्वीराज चव्हाण के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकारों का कार्यकाल देखा है, जब प्राकृतिक आपदा के महज चौथे दिन किसानों के खातों में सीधे मुआवजे की राशि जमा कराई जाती थी।
कुमार के खिलाफ सोलापुर में कांग्रेस की रैली निकाली गई। सोलापुर के चार हुतात्मा चौक से भारत रत्न डॉ। बाबासाहेब आंबेडकर चौक तक रैली का आयोजन किया गया। इसका नेतृत्व सोलापुर से सांसद प्रणिति शिंदे ने किया। रैली में भारी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस