Wardha ZP Administrator: वर्धा जिला परिषद में पिछले साढ़े चार वर्षों से प्रशासक राज चल रहा है। चुनाव नहीं होने के कारण जिला परिषद में जनप्रतिनिधियों का अभाव है। ऐसे में प्रशासनिक स्तर पर विभिन्न निर्णय आसानी से लिए जा रहे हैं। इसी बीच जिला परिषद के फंड से पंचायत समितियों के गुट विकास अधिकारियों (बीडीओ) के लिए पांच नए वाहनों की खरीदी की गई है। इन वाहनों की खरीदी पर करीब 60 लाख रुपए खर्च होने की जानकारी है।
दूसरी ओर, पिछले कुछ महीनों में जिला परिषद की इमारत का रंग-रूप बदलने के लिए भी विभिन्न काम किए गए हैं। जिला परिषद में पांच वरिष्ठ अधिकारियों तथा छह पदाधिकारियों के लिए कुल 11 वाहन मंजूर हैं। वर्तमान में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और चार सभापति के पद रिक्त होने से उनके उपयोग के वाहन संबंधित विभाग प्रमुखों को दिए गए हैं।
हालांकि, जिला परिषद प्रशासन का दावा है कि वर्तमान में किसी भी अधिकारी के लिए निजी वाहन अधिग्रहित नहीं किया गया है। वहीं जिले की आठ पंस में बीडीओ के लिए आठ तथा पंचायत समिति सभापतियों के लिए आठ वाहन मंजूर हैं। सभापति के पद रिक्त होने के कारण उनके लिए मंजूर वाहन भी संबंधित प्रमुख अधिकारी उपयोग कर रहे हैं।
प्रशासक राज के दौरान जिप इमारत में पिछले कुछ महीनों में विभिन्न विकास एवं नवीनीकरण के काम किए गए हैं। अधिकारियों के चेंबर में बदलाव, विभिन्न विभागों में कंपार्टमेंट निर्माण, नवीनीकरण तथा दर्शनी हिस्से के सौंदर्यीकरण जैसे काम किए गए हैं। इन कामों पर बड़ी राशि खर्च होने की जानकारी है। हालांकि, इन कार्यों पर कुल कितना खर्च हुआ इसे लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
जिला परिषद के फंड से हाल ही में खरीदे गए पांच नए वाहन वर्धा, सेलू, हिंगनघाट, समुद्रपुर और आर्वी पंचायत समितियों के गुट विकास अधिकारियों को दिए जाने वाले हैं। नियमानुसार वाहन का उपयोग 10 वर्ष अथवा 2.40 लाख किलोमीटर तक किया जा सकता है। इसके बाद आरटीओ की फिटनेस जांच में वाहन कालबाह्य घोषित होने पर उसे निर्लेखित किया जाता है। पुराने वाहन निर्लेखित होने के कारण नए वाहनों की खरीदी किए जाने की जानकारी प्रशासन की ओर से दी गई है।
शासन नियमानुसार एक वाहन की खरीदी के लिए 12 लाख रुपए तक खर्च करने की सीमा निर्धारित है। जिला परिषद के फंड से महिंद्रा नियो बोलेरो N10 मॉडल के 5 नए वाहन खरीदे गए हैं। इन वाहनों की ऑन-रोड कीमत करीब 11.50 लाख से 12.20 लाख रु. के बीच है। पांच वाहनों की खरीदी पर करीब 60 लाख रु. खर्च होने की जानकारी है़।