वर्धा: शिक्षकों ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन (सौजन्य-नवभारत) 
वर्धा

वर्धा: शिक्षकों को BLO ड्यूटी से मुक्त करने की मांग, विदर्भ माध्यमिक शिक्षक संघ ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

Wardha Teacher News: विदर्भ माध्यमिक शिक्षक संघ ने वर्धा प्रशासन से शिक्षकों को बीएलओ (BLO) जैसे अशैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने की मांग की है, ताकि बोर्ड परीक्षाओं और शैक्षणिक कार्यों में बाधा न आए।

रूपम सिंह

Teacher BLO Duty Protest Maharashtra News: वर्धा जिले की माध्यमिक, उच्च माध्यमिक तथा प्राथमिक शालाओं में बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के कार्य के लिए नियुक्त किए गए शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को इस जिम्मेदारी से मुक्त करने की मांग विदर्भ माध्यमिक शिक्षक संघ ने की है। इस संबंध में संघ की ओर से बुधवार को जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा गया।

ज्ञापन में बताया गया कि हाल ही में जिले की माध्यमिक, उच्च माध्यमिक और प्राथमिक शालाओं के कई शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को संबंधित विभाग द्वारा बीएलओ के रूप में नियुक्ति आदेश जारी किए गए हैं।

संघ का कहना है कि बीएलओ का कार्य अशैक्षणिक श्रेणी में आता है। संघ ने यह भी उल्लेख किया कि स्कूली शिक्षा एवं खेल विभाग के 28 अगस्त 2024 के शासन निर्णय के अनुसार तथा बालकों के निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 27 के तहत शिक्षकों को अशैक्षणिक कार्यों में नियुक्त करने पर स्पष्ट रूप से प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद बार-बार शिक्षकों को ही इन कार्यों के लिए नियुक्त किया जा रहा है।

संघ के अनुसार वर्धा जिले के कई शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारी पिछले आठ से दस वर्षों से बीएलओ का काम कर रहे हैं। इतना ही नहीं, जिले की अनेक शालाओं में लगभग 90 प्रतिशत शिक्षकों को इस कार्य में लगाया गया है, जिससे शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। वर्तमान समय में दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं चल रही हैं।

परीक्षा केंद्रों पर शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारी कंडक्टर, कस्टोडियन, पर्यवेक्षक, मॉडरेटर और मूल्यांकनकर्ता जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। इसके अलावा जल्द ही पांचवीं से ग्यारहवीं कक्षा तक की वार्षिक परीक्षाएं भी शुरू होने वाली हैं। ऐसे में पाठ्यक्रम पूरा करना, परीक्षा आयोजित करना, उत्तरपुस्तिकाओं की जांच, परिणाम तैयार करना और नए विद्यार्थियों का प्रवेश जैसी कई जिम्मेदारियां शिक्षकों पर हैं। इस अवसर पर महेंद्र सालंकार, पांडुरंग भालशंकर, सुरेश बरे, लोमेश वरहाडे, रितेश निमसडे, रवींद्र वाघमारे, शशांक हुलके, सुनील धवणे, संदीप चवरे, प्रमोद खोडे, संजय घोडमारे, धर्मेश झाडे, प्रवीण देशमुख, दमयंती वाघमारे, निर्मला तवले, सुचिता रायपूरे सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

शिक्षकों पर बढ़ रहा है अतिरिक्त काम का बोझ

संघ ने यह भी बताया कि कई शालाओं में शिक्षकों के पद पहले से ही रिक्त हैं, जिससे कार्यरत शिक्षकों पर अतिरिक्त काम का बोझ बढ़ रहा है। ऐसे में बीएलओ जैसे अन्य अशैक्षणिक कार्य दिए जाने से विद्यार्थियों की पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। विदर्भमाध्यमिक शिक्षक संघ ने विद्यार्थियों के शैक्षणिक हित को ध्यान में रखते हुए शिक्षकों को बीएलओ सहित अन्य सभी अशैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने तथा जारी किए गए नियुक्ति आदेशों को तत्काल रद्द करने की मांग की है।

जामिया में छात्र संघ चुनाव को लेकर क्यों गरमाया माहौल? विरोध के बाद ऑफलाइन पढ़ाई ठप, ऑनलाइन क्लास शुरू

CJP Tiranga March: अभिजीत दीपके-नेहा बोरा पुलिस हिरासत में, कनॉट प्लेस में कॉकरोचों ने लहराया तिरंगा

नेहा बोरा का ऐलान: नहीं भरेंगी पीस बॉन्ड, प्रदर्शन को बताया लोकतांत्रिक अधिकार; कानूनी लड़ाई रखेंगी जारी

जयपुर में भीषण सड़क हादसा, नासिक के 3 श्रद्धालुओं की मौत; 7 घायल, एक्शन में गिरीश महाजन

एक्शन मोड में गृह मंत्री शाह, पुलिस अधिकारियों के साथ हाईलेवल बैठक, सुरक्षा व्यवस्था की होगी समीक्षा