प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण मुक्त कराया। (फोटो नवभारत) 
वर्धा

सिंदी रेलवे में चला बुलडोजर: 30 साल पुराना अतिक्रमण जमींदोज, वन विभाग की 3 हेक्टेयर भूमि से हटाए 82 मकान

Sindi Railway News: सिंदी रेलवे के परसोडी में वन विभाग की 3 हेक्टेयर जमीन से 82 अवैध मकान हटाए गए। 30 साल पुराने 'लादेननगर' पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण मुक्त कराया।

रूपम सिंह

Wardha Forest Land Encroachment News: वर्धा के सिंदी रेलवे क्षेत्र के परसोडी परिसर में वन विभाग की भूमि पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ गुरुवार, 26 फरवरी को बड़ी कार्रवाई की गई, वन विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने लगभग 3 हेक्टेयर जमीन पर बने 82 कच्चे और पक्के मकानों को बुलडोजर से हटाने की प्रक्रिया पूरी की। सभी मकान जमींदोज किये गए, कार्रवाई के दौरान तनाव की स्थिति पैदा हुई थी।

परंतु पुलिस व वनविभाग ने स्थिति पर नियंत्रण पा लिया। जानकारी के अनुसार वन विभाग के सर्वे नंबर 26, 27 और 28 की जमीन पर पिछले 25 से 30 वर्षों से 82 परिवारों द्वारा अतिक्रमण कर मकान बनाए गए थे। इस संबंध में कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद गुरुवार को प्रशासन ने कार्रवाई को अंजाम दिया। सुबह 7 बजे से शुरू हुई। इस कार्रवाई का नेतृत्व सहायक वन संरक्षक हरिलाल सरोदे और माधव आड़े ने किया, वन विभाग के लगभग 130 अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे।

वहीं पुलिस विभाग की ओर से अपर पुलिस अधीक्षक सदाशिव वाघमारे के नेतृत्व में 300 से अधिक पुलिस अधिकारी और जवान तैनात किए गए थे, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई और पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्वक संपन्न होने की बात प्रशासन ने कही। कार्रवाई के समय सेलू की तहसीलदार शंकुतला पाराजे तथा सिंदी के नायब तहसीलदार भी उपस्थित थे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि वन भूमि पर अतिक्रमण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।

  • सिंदी रेलवे क्षेत्र के परसोडी परिसर में किया था अतिक्रमण
  • 3 हेक्टेयर जमीन पर बने 82 कच्चे व पक्के घरों को हटाया गया
  • पुलिस विभाग की वन विभाग और संयुक्त टीम ने की कार्रवाई
  • कार्रवाई में 300 से अधिक पुलिस व जवान तैनात किए गए थे
विवरण जानकारी
क्षेत्रफल लगभग 3 हेक्टेयर (सर्वे नंबर 26, 27, 28)
कार्रवाई की तिथि गुरुवार, 26 फरवरी 2026
मकानों की संख्या 82 (कच्चे और पक्के मकान)
सुरक्षा बल 130 वन कर्मचारी और 300 से अधिक पुलिस जवान
नेतृत्व सदाशिव वाघमारे (ASP), हरिलाल सरोदे और माधव आड़े (ACF)

30 वर्ष पहले बसा था लादेननगर

बता दें कि लगभग 30 वर्ष पहले पूर्व रेलवे गेट से लगे वनविभाग की जमीन पर कुछ रोहिंग्या दो-तिन परिवारों ने अतिक्रमण कर रहना शुरू किया था। एक दो वर्ष में इस जगह पर अन्य परिवारों ने भी बसेरा बना लिया। यही नहीं तो जमीन पर पक्के मकान तक तैयार कर एक बस्ती बना ली। यहां से कुछ अवैध व्यवसाय भी होने लगे परिसर को लादेनगर नाम दिया गया।

रेलवे में भिक मांगना, अपराधों को अंजाम देना, आदि काम यहां से होते थे। इस संदर्भ में बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद तथा अन्य संगठनों ने आवाज उठाते हुए उक्त अवैध तरीके से बनी बस्ती को हटाने की मांग जोर पकड़ने लगी। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए एक प्रक्रिया के बाद कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

Explainer: क्या इस बार पास होगा EOS-5 मिशन? दो बार फेल हो चुका ISRO, भारत के लिए क्यों है इतना खास

लगातार मिल रही लाशों से मुर्दाघर हुए फुल, 250 शवों के लिए बनाया अस्थायी केंद्र, बहते शवों से गहने लूट रहे लोग

मध्य एशिया में भारत की कूटनीतिक सक्रियता बढ़ी, जानें पीएम मोदी का उज्बेकिस्तान दौरा क्यों है अहम

न्यूयॉर्क में गूंजा गीता का संदेश, मोहन भागवत बोले- कृष्ण चेतना में छिपा दुनिया के संकटों का समाधान

Weather Alert: यूपी-बिहार और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में मूसलाधार बारिश, बिजली गिरने का अलर्ट