पौधारोपण अभियान- (सोर्सः सोशल मीडिया) 
वर्धा

Wardha News: पर्यावरण संरक्षण के लिए गोदावरी अर्बन ने दिए 25 पौधे, हरित अभियान को मिला बल

Hinganghat Environment: हिंगनघाट में गोदावरी अर्बन मल्टीस्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी ने पर्यावरण संरक्षण के तहत पर्यावरण संवर्धन संस्था को 25 देशी प्रजातियों के पौधे भेंट किए।

आंचल लोखंडे

Wardha Tree Plantation Drive: पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गोदावरी अर्बन मल्टीस्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी, नांदेड़ की हिंगनघाट शाखा ने सराहनीय पहल करते हुए स्थानीय पर्यावरण संवर्धन संस्था को 25 देशी प्रजातियों के पौधे भेंट किए। इस पहल को सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने की दिशा में एक प्रेरणादायी कदम माना जा रहा है। बैंक द्वारा प्रदान किए गए पौधों में नीम, बकुल, कदंब, जामून और जरूल जैसी पर्यावरण के लिए उपयोगी एवं छायादार देशी प्रजातियां शामिल हैं।

संस्था के चल रहे हरित अभियान को इन पौधों से नई ऊर्जा मिली है। सभी पौधों का शहर के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर रोपण किया जाएगा तथा उनके नियमित संरक्षण और देखभाल की भी व्यवस्था की जाएगी। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका पालन-पोषण करना भी उतना ही आवश्यक है।

गोदावरी अर्बन का सामाजिक उत्तरदायित्व

वृक्षों का संरक्षण ही वास्तविक पर्यावरण सेवा है और यही भविष्य की पीढ़ियों के लिए सबसे मूल्यवान उपहार होगा। कार्यक्रम में गोदावरी अर्बन के शाखा प्रबंधक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। वहीं पर्यावरण संवर्धन संस्था के पदाधिकारी और सदस्य भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। संस्था की ओर से गोदावरी अर्बन का आभार व्यक्त करते हुए पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में दिए गए सहयोग की सराहना की गई।

प्रकृति का संतुलन बनाए रखने पौधारोपण जरूरी

कार्यक्रम के दौरान संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि संत तुकाराम महाराज के प्रसिद्ध वचन ‘वृक्षवल्ली आम्हा सोयरे वनचरे’ की भावना आज भी उतनी ही प्रासंगिक है। वृक्ष हमारे सच्चे साथी हैं और आने वाली पीढ़ियों को हम जो सबसे अनमोल उपहार दे सकते हैं, वह ऑक्सीजन देने वाले वृक्ष ही हैं। उन्होंने कहा कि प्रकृति का संतुलन बनाए रखने के लिए केवल वृक्षारोपण नहीं, बल्कि बच्चों की तरह उनकी देखभाल और संरक्षण करना भी समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

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