वर्धा जिले में 466 स्थानों पर स्वचालित मौसम केंद्र (सौजन्यः सोशल मीडिया) 
वर्धा

वर्धा जिले में 466 स्थानों पर स्वचालित मौसम केंद्र, ग्रामपंचायत स्तर पर ठिकाणो का चयन

Automatic weather stations: वर्धा जिले में 467 स्थानों पर नए मौसम केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर स्थान चयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

आंचल लोखंडे

Wardha News: ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को सटीक मौसम पूर्वानुमान उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने ग्राम पंचायत स्तर पर स्वचालित मौसम केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है। जिले में 467 स्थानों पर नए मौसम केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर स्थान चयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, और अब तक 69 प्रश कार्य पूर्ण हो चुका है, ऐसी जानकारी कृषि विभाग द्वारा दी गई है। इन मौसम केंद्रों की मदद से कृषि क्षेत्र में जोखिम कम होंगे और किसानों को समय पर मौसम संबंधी जानकारी मिल सकेगी।

जिले की 521 ग्राम पंचायतों में से महावेध परियोजना के तहत 56 स्थानों पर पहले ही स्वचालित मौसम केंद्र स्थापित किए गए हैं। अब डब्ल्यूएनडीएस परियोजना के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर 466 स्थानों पर नए केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से तापमान, आर्द्रता, वर्षा की मात्रा, हवा की गति व दिशा तथा वायुदाब की माप की जाएगी, और यह जानकारी सीधे डिजिटल प्रणाली के माध्यम से किसानों तक पहुंचाई जाएगी। मोबाइल ऐप, एसएमएस और ग्राम पंचायतों में लगाए गए सूचना फलक के माध्यम से यह जानकारी किसानों को प्राप्त होगी।

किसानों को सीधे डिजिटल प्रणाली से जानकारी

कृषि विभाग के अनुसार, ग्राम पंचायत स्तर पर स्थान का चयन राजस्व विभाग, कृषि विभाग अथवा ग्राम पंचायत की शासकीय जमीन के माध्यम से किया जा रहा है। इन्हीं स्थानों पर मौसम केंद्रों का निर्माण किया जाएगा। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से सभी ग्राम पंचायतों में यह सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इन मौसम केंद्रों की मदद से फसल की बुवाई के लिए उपयुक्त समय, कीट नियंत्रण के लिए सुझाव, तथा सूखा या अतिवृष्टि जैसी आपदाओं के पूर्वानुमान की जानकारी समय रहते किसानों को मिलेगी। इससे किसान समय पर निर्णय ले सकेंगे और फसल का नुकसान कम होगा, ऐसा विश्वास अधिकारियों ने जताया है।

322 जगहो पर स्थान निश्चित

डब्ल्यूएनडीएस परियोजना के तहत स्वचालित मौसम केंद्र स्थापित करने हेतु 322 ग्राम पंचायतों में स्थान निश्चित किये गए है़ वहीं 145 ग्राम पंचायतों में स्थान चयन की प्रक्रिया जारी है। इस योजना का कार्य फिलहाल 69 प्रश पूर्ण हो चुका है। सभी ग्राम पंचायत स्तर पर स्थान चयन की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद शासन को प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद संबंधित कंपनी के माध्यम से ग्राम पंचायत स्तर पर स्वचालित मौसम केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

किसानों को होने वाले लाभ

वर्षा, हवा और आर्द्रता की सटीक जानकारी मिलने से फसलों की बेहतर योजना बनाई जा सकती है। ओस, लू, अतिवृष्टि जैसे मौसम परिवर्तनों का पूर्वानुमान मिलने से किसान समय रहते उपाय कर सकते हैं। वर्षा की जानकारी मिलने से सिंचाई की योजना आसान हो जाती है। हवा की गति, आर्द्रता और तापमान के आधार पर छिड़काव का उपयुक्त समय तय किया जा सकता है। मौसम आधारित सही निर्णय लेने से अनावश्यक पानी, दवाइयों और खाद का उपयोग टाला जा सकता है। सटीक मौसम जानकारी मिलने से फसलों की उत्पादकता, गुणवत्ता में वृद्धि होती है।

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