मुंबई: फिल्म छावा की रिलीज के बाद से पूरे महाराष्ट्र में औरंगजेब की कब्र को लेकर बवाल मचा हुआ है। मुगल शासक की कब्र हटाने की मांग को लेकर विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल की ओर से लगातार विरोध प्रदर्शन और हंगामा हो रहा है। सोमवार को छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर पुणे समेत कई जिलों में विहिप और बजरंग दल कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। कार्यकर्ता छत्रपति संभाजीनगर में बनी औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग कर रहे हैं। विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल और बजरंग दल के नेता नितिन महाजन के बयान से मामले ने और भी तूल पकड़ लिया है।
विश्व हिन्दू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर ट्वीट पर सभी को बधाई दी है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मुगल शासकों से लोहा लेते हुए छत्रपति शिवाजी महाराज ने अपनी तीन पीढ़ियों का बलिदान दिया लेकिन हार नहीं मानी। औरंगजेब की समाप्ति के बाद अब समय आ गया है कि उसका नामोनिशान तक को मिटा दिया जाए। बंसल ने ट्वीट कर औरंगजेब की कब्र को छत्रपति संभाजीनगर से हटाए जाने को लेकर सरकार से कड़े कदम उठाने की मांग की है।
छत्रपति संभाजीनगर से औरंगजेब की क्रब को हटाए जाने की मांग को लेकर पुणे में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं में जबर्दस्त विरोध देखने को मिल रहा है। जिला कार्यालयों के बाहर कार्यकर्ताओं की ओर से धरना-प्रदर्शन किए जा रहे हैं। संगठन के नेता नितिन महाजन ने अपील की है कि सरकार को औरंगजेब की कब्र को हटाए जाने को लेकर जल्द ही सख्त कदम उठाने चाहिए।
अभिनेता विक्की कौशल की फिल्म 'छावा' के प्रदर्शित होने के बाद से मुगल शासक औरंगजेब के प्रति लोगों का विरोध तेज हो गया है। फिल्म में छत्रपति संभाजी पर फिल्माए गए अत्याचार और निर्मम हत्या के दृश्यों के बाद से महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में भी विरोध शुरू हो गया था। आज शिवाजी महाराज की जयंती पर महाराष्ट्र के सभी जिलों में प्रदर्शन कर सरकार से औरंगजेब की कब्र को छत्रपति संभाजीनगर से हटाए जाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया है।