अंबरनाथ. अब इस बांध के पानी पर निर्भर लोगों को एमआईडीसी द्वारा वैकल्पिक इंतजाम किया गया है। रोज मिलने वाला पानी अब एक दिन के अंतर से मिला करेगा। ऊंचाई बढ़ाने के काम का लक्ष्य 31 दिसंबर 21 तक रखा गया है।
अंबरनाथ और बदलापुर में पानी के स्रोत अच्छे है, इन शहरों के जलाशयों से उल्हासनगर, कल्याण-डोंबिवली, तलोजा एमआईडीसी, नवी मुंबई आदि परिसर को भी जलापूर्ति की जाती है पर जलाशयों वाले इस शहर के अनेक वार्डो के नागरिकों को पानी की दिक्कत का सामना करना पड़ता है। जो संबंधित विभाग का नियोजन का अभाव दर्शाता है।
अबंरनाथ और बदलापुर शहर का शहरीकरण भी तेज गति से हो रहा है, स्थानीय नेताओं द्वारा पानी के मुद्दे को लेकर अकसर आवाज उठाई जाती है। राज्य सरकार के लघु सिंचाई विभाग के अंतर्गत चिखलोली बांध आता है। अंबरनाथ के विधायक डॉ. बालाजी किणीकर द्वारा निरंतर किए प्रयासों के कारण की यह काम शुरू हुआ है।
बांध से जलापूर्ति कराने की जिम्मेदारी महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण की है जो पहले अंबरनाथ नगरपालिका के पास थी। एमजेपी द्वारा जारी परिपत्र में बांध को बंद करने व इस पर निर्भर नागरिकों को एमआईडीसी प्रशासन के माध्यम से जलापूर्ति करने संबंधी परिपत्रक निकाला है। गौरतलब हो कि अंबरनाथ शहर को कुल 66 एमएलडी पानी की आपूर्ति की जाती है।इसमें बदलापुर के बेरेज से 50, एमआईडीसी के बारवीं बांध से 10 तथा चिखलोली डैम से 6 एमएलडी पानी प्रतिदिन मिलता है।
अब चिखलोली की कमी एमआईडीसी पूरी करेंगी। चिखलोली से बांध अंबरनाथ पूर्व के नवरे लनगर, शिवाजी नगर, कृष्णा नगर, वडवली सेक्शन, महालक्ष्मी नगर, बी केबिन रोड़ परिसर आदि परिसर को पानी दिया जाता है। महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के कार्यकारी अभियंता आर शिंदे द्वारा परिपत्रक जारी किया गया है, नागरिकों से सहयोग करने की अपील भी शिंदे ने की है।
चिखलोली बांध की ऊंचाई बढ़ाने का कार्य ठाणे जिले के पालकमंत्री एकनाथ शिंदे और क्षेत्रीय सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे के मार्गदर्शन में की गई कोशिश का परिणाम है। नागरिकों को पानी की दिक्कत न हो इसलिए एमआईडीसी से 4 एमएलडी पानी अतिरिक्त मंजूर करा लिया गया है, आगामी मानसून में बांध में पानी जमा हो इसलिए दिसंबर के अंत तक काम पूरा करा लिया जाएगा।