Thane District Collector Shrikrishna Panchal: ठाणे जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल ने कहा है कि मानसून के दौरान जिले में कोई हादसा न हो, इसके लिए सभी सरकारी एजेंसियां अलर्ट रहें एवं समन्वय बनाकर तैयारी करें। उन्होंने मानसून के पहले जिले के सभी खतरनाक पुलों, पुलियों और पुरानी इमारतों का ऑडिट करने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी एवं जिला आपदा व्यवस्थापन प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल की अध्यक्षता में जिलाधिकारी कार्यालय में जिला आपदा व्यवस्थापन प्राधिकरण की 'प्री-मानसून तैयारी की समीक्षा बैठक हुई।
बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रणजीत यादव, अतिरिक्त जिलाधिकारी हरिश्चंद्र पाटिल, निवासी उप जिलाधिकारी व जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. संदीप माने, उप जिलाधिकारी सर्जेराव मस्के-पाटिल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी डॉ. अनीता जवंजाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी डॉ. पांचाल ने कहा कि सार्वजनिक निर्माण विभाग को मानसून से पहले जिले के सभी खतरनाक पुलों, पुलियों और पुरानी इमारतों का ऑडिट करना चाहिए। जल संसाधन विभाग को बांधों का भौतिक निरीक्षण करना चाहिए एवं एक तकनीकी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग और सार्वजनिक निर्माण विभाग को मानसून के दौरान भूस्खलन की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रमुख घाटों में जेसीबी, पोकलेन और डंपरों की स्थायी व्यवस्था करनी चाहिए।
डॉ. पांचाल ने कहा कि अग्निशमन विभाग, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को आपातकालीन स्थिति में प्रणालियों की गतिशीलता की जांच के लिए हर तालुका में माक ड्रील करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मॉनसून के दौरान फैलने वाली बीमारियों को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग को दवाइयों का स्टॉक और मेडिकल टीमें तैयार रखनी चाहिए और डिजास्टर रिलीफ़ के लिए जरूरी इक्विपमेंट के लिए डिस्ट्रिक्ट प्लानिंग कमेटी फंड से ग्रांट दी जाएगी।
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ठाणे जिलाधिकारी डॉ.पांचाल ने लैंडस्लाइड वाले गांवी, बाढ़ वाले इलाकों, नदी में गाद जमने, इंडस्ट्रियल एरिया में सिक्योरिटी और सर्च और रेस्क्यू इक्विपमेंट की अवेलेबिलिटी की विस्तृत समीक्षा की। निवासी उप जिलाधिकारी व जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. संदीप माने ने कंप्यूटर प्रेजेंटेशन के जरिए डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान के बारे में जानकारी दी। सभी सब-डिविजनल ऑफिसर और तहसीलदार को अपने-अपने लेवल पर तुरंत कंट्रोल रूम बनाने के भी निर्देश दिए गए।