दीपक बलेचा ने श्मशान भूमि की बदहाली पर मनपा प्रशासन को चेतावनी दी।
लाइट, पानी, शौचालय, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग।
समस्याएं दूर नहीं हुईं तो आमरण अनशन पर बैठने की चेतावनी।
Deepak Balecha Protest In Ulhasnagar: एक दीपके ने देश में एनडीए सरकार की नींद हराम कर रखी है। देश में स्वंत्रता आंदोलन जैसी स्थिति पैदा हो गई है।
वहीं उल्हासनगर में एक दीपक बलेचा है जिन्होंने श्मशान भूमि में व्याप्त असुविधा को लेकर शासन प्रशासन को चेतावनी दे दी है कि उल्हासनगर कैंप एक और दो के लिए बनाई गई श्मशान भूमि में व्याप्त असुविधा को दूर किया जाए अन्यथा वे मृतक के परिवार के हित के लिए आमरण अनशन करेंगे।
दीपक बलेचा ने उल्हासनगर मनपा के शासन प्रशासन को चेतावनी दी है कि इस श्मशान भूमि को ट्रस्ट चलाता हैं और उक्त ट्रस्ट ट्रस्ट के नाम पर मोटी रकम वसूलता है। परंतु कोई काम शव (मुर्दा) या फिर उसके परिवार के हित में नहीं करता है।
श्मशान का लाइट बंद होने पर मोबाइल के शहारे शव जलाया जाता है। लकड़ी के गोडाउन में लीकेज है। जिससे मानसून में लकड़ी भीग जाती हैं। उसको जलाने में शव के परिजनों को तकलीफ होती है। सवाल है लाइट जाने पर प्रकाश की व्यवस्था नहीं होने पर लकड़ी के गोडाउन में विषैले जानवरो के काटने पर जिम्मेदार कौन होगा?
वलेछा ने बताया कि जिस जगह पर छोटे बच्चों को गाड़ते है ऐसी जगह पर जंगल है। उसमें सांप, बिच्छू जैसे विषैले जीव जंतु घूमते रहते हैं। मनपा की लाइट जाने पर लोग कैसे बच्चों को गाड़े? इतना ही नहीं चोरों ने काली देवी की मूर्ति के सामने रखी दानपेटी का ताला तोड़ कर दान में दिए गए धन को चुरा ले गए।
श्मशान में दो ऑफिस तथा गेट के बाहर रखी ठाणे मनपा की बहुउद्देशीय केबिन का गेट तोड़ दिए। दीवार लांघकर लोग अंदर आकर श्मशानी को धमकाते है। दीपक बलेचा का कहना है श्मशान भूमि ट्रस्ट है परंतु काफी पदाधिकारी बेकाम के हो गए हैं। नए पदाधिकारी के चुनाव की जरुरत है। ट्रस्टी व मनपा कर्मचारी की नियमित उपस्थिति होनी चाहिए।
इस बारे में बताया कि उन्होंने असामाजिक तत्वों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस को भी पत्र दिया है। श्मशान भूमि में ही उल्हासनगर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाली एक पुलिस चौकी बनाई गई है। जो अक्सर बंद रहती हैं।
दीपक बलेचा ने बताया कि श्मशान भूमि में टाइल्स उखड़ी हुई हैं। पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है। महिला पुरुष शौचालय की सुविधा भी नहीं है। दीवारें जर्जर हैं, छत से पानी टपकता है और साफ-सफाई का अभाव है। लाइट नहीं है। सोलर ऊर्जा लाइट लगाने की जरूरत है। बार-बार शिकायत के बावजूद कोई सुधार नहीं किया गया है।
श्मशान भूमि की मरम्मत के लिए कई वर्ष से वर्क आर्डर मनपा के ठेकेदार ने ले रखा है। उससे काम कराया जाए या फिर वर्क आर्डर दूसरे ठेकेदार को दिया जाए। दीपक बलेचा ने कहा कि यदि जल्द ही श्मशान भूमि की मरम्मत और सुधार कार्य नहीं किया गया, तो वे मृतक के परिवार के हित में श्मशान के अंदर आमरण अनशन पर बैठने को मजबूर होंगे।
बतादें की दीपक वलेच्छा कई दशकों से लावारिस शवों का स्वयं के खर्चे से अंतिम संस्कार करते आ रहे हैं और लावारिस शवों के अंतिम संस्कार के बाद उनकी अस्थियां लेकर नासिक गंगा गोदावरी नदी में विसर्जित करते आ रहे हैं।इस परमार्थ कार्य करने के चलते उनकी लोगों द्वारा काफी सराहना की जाती हैं।