Maize Market Rally Update: देश में ई 20 को लेकर मचे घमासान के बीच इथेनॉल बनाने के लिए उपयोग में लाए जाने वाले मक्के का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। बताया गया जी तेलंगाना MARKFED की पहली ई-नीलामी के नतीजों ने मक्का बाजार की धारणा पूरी तरह बदल दी है। एथेनॉल, स्टार्च और पशु आहार उद्योगों की मजबूत मांग के चलते बाजार में तेजी का रुख देखने को मिला है।
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स 'कैट' के उपाध्यक्ष एवं ठाणे जिला होलसेल व्यापारी वेलफेयर महासंघ के अध्यक्ष सुरेश भाई ठक्कर ने बताया कि लगभग 10.98 लाख मीट्रिक टन सरकारी मक्का की नीलामी में बेस प्राइस ₹2400 प्रति क्विंटल रखा गया था। लेकिन खरीदारों ने कई स्थानों पर ₹2550 से ₹2560 प्रति क्विंटल तक की प्रतिस्पर्धी बोलियां लगाईं।
सुरेश भाई ठक्कर के अनुसार, सुबह बाजार में कमजोर रुझान था, लेकिन नीलामी के नतीजे सामने आते ही व्यापारियों और उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ा और बाजार का रुख स्थिर से तेजी की ओर मुड़ गया। परिवहन, जीएसटी, वेयरहाउस और फाइनेंस जैसी लागत जोड़ने के बाद कई क्षेत्रों में वास्तविक खरीद लागत ₹2600–2700 प्रति क्विंटल तक पहुंच रही है, जो ऊंची बोलियों को उचित ठहराती है।
उन्होंने कहा कि सरकारी स्टॉक उपलब्ध होने के बावजूद खरीदारों की आक्रामक भागीदारी यह दर्शाती है कि एथेनॉल, स्टार्च, पोल्ट्री और पशु आहार उद्योगों की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है। नई फसल की आवक शुरू होने से बाजार पर कुछ दबाव जरूर है, लेकिन मजबूत औद्योगिक खरीद इस दबाव को काफी हद तक संतुलित कर रही है।
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से एथेनॉल सेक्टर पर हल्का नकारात्मक असर पड़ सकता है और वैश्विक बाजार से भी कुछ दबाव बन सकता है। फिर भी घरेलू मांग फिलहाल बाजार को मजबूत आधार दे रही है।व्यापारियों की नजरें अब 3 अगस्त की अगली नीलामी पर टिकी हैं। यदि वहां भी ₹2500 प्रति क्विंटल से अधिक की बोलियां लगती हैं तो मक्का बाजार में तेजी और मजबूत हो सकती है।
ठक्कर ने अनुमान जताया कि अगले 10-15 दिनों तक बाजार का रुख स्थिर से तेज (Steady to Bullish) रहने की संभावना है। आगे की दिशा सरकारी नीलामी, उद्योगों की खरीद और अंतरराष्ट्रीय मक्का बाजार की चाल पर निर्भर करेगी।