Indias First Waterproof Pedestrian Subway Under Rail Tracks: भारतीय रेल ने पनवेल-वसई रेल कॉरिडोर पर भिवंडी रोड स्टेशन के निकट सात सक्रिय रेलवे लाइनों के नीचे देश का पहला वॉटरप्रूफ पैदल यात्री सबवे बनाकर रेल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है। अत्याधुनिक हाइड्रोलिक पुशिंग तकनीक की मदद से तैयार की गई इस संरचना का निर्माण बिना रेल यातायात प्रभावित किए सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
यह सबवे न केवल पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहन चालकों को सुरक्षित व हर मौसम में उपयोगी मार्ग उपलब्ध कराएगा, बल्कि रेलवे पटरियों को पार करने की जोखिमपूर्ण गतिविधियों पर भी प्रभावी अंकुश लगाएगा। एमआरवीसी के मुताबिक सबवे के निर्माण में अत्याधुनिक हाइड्रोलिक एयर-पुशिंग तकनीक का उपयोग किया गया। इसके माध्यम से रेलवे ट्रैक के नीचे चार बड़े प्रीकास्ट प्रबलित कंक्रीट बॉक्स सेगमेंट सटीकता के साथ स्थापित किए गए।
सात चालू रेलवे लाइनों के नीचे निर्माण कार्य करना बड़ी तकनीकी चुनौती थी, लेकिन बेहतर योजना और प्रभावी क्रियान्वयन से इसे सफलतापूर्वक पूरा किया गया। सबवे को पूरी तरह जलरोधक बनाने के लिए बहुस्तरीय सीलिंग, सुरक्षात्मक मेम्ब्रेन और उन्नत वॉटरप्रूफिंग तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। इससे भारी बारिश या जलभराव की स्थिति में भी इसकी मजबूती और सुरक्षा बनी रहेगी।
इंडियन रेलवे ने यह सबवे भारी मालगाड़ियों और समर्पित मालवाहक कॉरिडोर के भार मानकों के अनुरूप डिजाइन किया गया है, जिससे भविष्य में बढ़ने वाले रेल यातायात का दबाव भी आसानी से संभाला जा सकेगा। पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह मार्ग सुरक्षित और सभी मौसमों में उपयोग योग्य रहेगा। इसमें ढके हुए प्रवेश मार्ग, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, वेंटिलेशन सिस्टम और प्रभावी जल निकासी की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
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इस परियोजना से क्षेत्र की संपर्क व्यवस्था बेहतर होगी। साथ ही रेलवे पटरियों को पार करने की जोखिमपूर्ण और अनधिकृत आवाजाही में कमी आने की उम्मीद है। इससे रेल सुरक्षा को मजबूती मिलेगी और स्थानीय नागरिकों को अधिक सुरक्षित व सुविधाजनक आवागमन का लाभ मिलेगा। वसई-पनवेल रेल मार्ग पर विकसित यह सबवे भारतीय रेल की आधुनिक इंजीनियरिंग क्षमता और उन्नत बुनियादी ढांचा निर्माण का एक उल्लेखनीय उदाहरण माना जा रहा है।