कल्याण में वकीलों ने स्वराज्य से संविधान मार्च निकाला।
प्रदर्शन कर वकीलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की।
मार्च के बाद तहसीलदार कार्यालय में ज्ञापन सौंपा गया।
Constitution March Protest Kalyan: दिल्ली में वकीलों और Gen-Z पीढ़ी के युवाओं पर कथित ज़ुल्म के विरोध में ठाणे जिले के कल्याण में लॉयर्स एसोसिएशन ने ‘स्वराज्य से संविधान मार्च’ निकाला।
कल्याण-डोंबिवली के प्रोग्रेसिव और एक जैसी सोच वाले वकीलों ने इस आंदोलन में हिस्सा लिया और संविधान की रक्षा, डेमोक्रेटिक मूल्यों की रक्षा और अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाने वालों को न्याय दिलाने की मांग की। इस दौरान, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की भी मांग की गई।
कल्याण पश्चिम में ‘स्वराज्य से संविधान मार्च’ की शुरुआत छत्रपति शिवाजी महाराज चौक से हुई। इसके बाद मार्च शहर के विभिन्न हिस्सों से गुजरते हुए डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर उद्यान पहुंचा, जहां डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर की प्रतिमा के पास इसका समापन हुआ।
इस विरोध मार्च में कल्याण क्रिमिनल कोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन के सदस्यों सहित कल्याण-डोंबिवली के कई वकीलों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया।
प्रदर्शनकारियों ने संविधान की रक्षा, लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया। मार्च के जरिए अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने वाले नागरिकों के समर्थन और न्याय की मांग को प्रमुखता से सामने रखा गया।
‘स्वराज्य से संविधान मार्च’ का मुख्य उद्देश्य लोकतांत्रिक व्यवस्था, संवैधानिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करना था। मार्च में शामिल वकीलों ने अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने वाले नागरिकों को न्याय दिलाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने वकीलों के साथ हो रहे कथित अत्याचारों पर चिंता जताते हुए इन्हें बंद करने की अपील की।
साथ ही, उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए। आंदोलन के माध्यम से लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने, नागरिकों के अधिकारों का सम्मान करने और कानून के तहत न्याय सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
इस विरोध प्रदर्शन में कल्याण क्रिमिनल कोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट प्रकाश जगताप, नवीन सिंह, जयेश वानी के साथ-साथ एसोसिएशन के पदाधिकारी और सदस्य शामिल हुए। मार्च के बाद, प्रदर्शनकारियों की ओर से अपनी मांगों का एक ज्ञापन तहसीलदार के ऑफिस में सौंपा गया।