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पुणे ZP स्कूलों के 51 शिक्षक दिवाली में सिंगापुर जाएंगे, ग्लोबल गुरुजी पहल के तहत मिलेगा प्रशिक्षण

Pune ZP Schools: पुणे जिला परिषद के ग्लोबल गुरुजी पहल के तहत 51 शिक्षक सिंगापुर में शिक्षण पद्धतियों का प्रशिक्षण लेने जाएंगे। लौटने के बाद वे मेंटॉर बनकर दूसरों को ट्रेंड करेंगे।

रूपम सिंह

Pune ZP Global Guruji Scheme Singapore Tour: पुणे जिला परिषद के सरकारी प्राथमिक स्कूलों में अध्यापन के स्तर को अंतरराष्ट्रीय पहचान देने के लिए प्रशासन ने एक बड़ी पहल की है। 'ग्लोबल गुरुजी' योजना के तहत जिले के 51 शिक्षकों और शिक्षा अधिकारियों का एक दल दिवाली की छुट्टियों में 15 से 22 नवंबर तक सिंगापुर के अध्ययन दौरे पर जाएगा।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी गजानन पाटील ने बताया कि सात दिनों के इस गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिक्षक आधुनिक पेडागॉजी (अध्यापन पद्धतियां), डिजिटल तकनीकों और वैश्विक शिक्षण प्रणालियों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे। विदेश से लौटने के बाद ये शिक्षक जिले के अन्य अध्यापकों को ट्रेंड करने का काम करेंगे, जिससे प्राथमिक स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधरेगा।

कठिन चयन प्रक्रिया से गुजरकर चुने गए शिक्षक

'ग्लोबल गुरुजी' पहल के लिए पुणे जिले भर के 1,212 शिक्षकों ने आवेदन किया था। टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (टीआईएसएस) द्वारा आयोजित कठिन चयन प्रक्रिया और परीक्षा के बाद कुल 136 योग्य शिक्षकों को शॉर्टलिस्ट किया गया। इनमें से पहले चरण में 45 शिक्षकों का चयन सिंगापुर दौरे के लिए हुआ है।

अध्यापकों के साथ 3 केंद्र प्रमुख, 1 विस्तार अधिकारी, 1 गुट शिक्षणाधिकारी (बीईओ) और 1 डाइट (डीआईईटी) अधिकारी सहित कुल 51 लोगों का दल सिंगापुर जाएगा। इस दौरे के लिए जिला परिषद प्रशासन ने 3.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जबकि प्रत्यक्ष रूप से लगभग 2 से 2.50 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

आगामी 15 से 22 नवंबर तक शिक्षकों की 8-दिवसीय गहन कार्यशाला

सिंगापुर दौरे के लिए 15 से 22 नवंबर की अवधि तय की गई है। इस दौरान 7 से 8 दिनों तक शिक्षक सिंगापुर की अग्रणी शैक्षणिक संस्थाओं और वहां की मजबूत शिक्षा व्यवस्था का सूक्ष्मता से अध्ययन करेंगे।

इस प्रशिक्षण में बाल-केंद्रित शिक्षा, कक्षा में आधुनिक तकनीक का प्रभावी इस्तेमाल और सीखने की प्रक्रिया को अधिक रोचक एवं परिणामकारक बनाने पर विशेष जोर रहेगा। प्रशासन का मानना है कि इस वैश्विक अनुभव का लाभ केवल सिंगापुर जाने वाले शिक्षकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उनके माध्यम से जिले के हर दूर-दराज के सरकारी स्कूल तक पहुंचेगा।

'मेंटोर' की भूमिका निभाएंगे सभी शिक्षक

सिंगापुर से प्रशिक्षण लेकर लौटने के बाद चयनित शिक्षकों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। इन्हें 'मॅटोर टीचर' और 'रिसोर्स पर्सन' के रूप में जिम्मेदारी दी जाएगी। ये शिक्षक सिंगापुर में सीखी गई नई शिक्षण पद्धतियों को साथी अध्यापकों के साथ साझा करेंगे और उन्हें कक्षाओं में लागू करने के लिए निरंतर मार्गदर्शन देंगे।

91 शिक्षकों को देश के अग्रणी राज्यों में भेजने की योजना

जिला प्रशासन शेष 91 शॉर्टलिस्टेड शिक्षकों को केरल, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश के अध्ययन दौरे पर भेजेगा, जो शिक्षा क्षेत्र में बेहतरीन नवाचार कर रहे हैं, ताकि वे वहां के सर्वश्रेष्ठ मॉडल्स को पुणे के स्कूलों में लागू कर सके।

  • 'डिवाइस फॉर ड्रीम्स': 3,500 स्कूलों में पहुंचेंगे 40 हजार कंप्यूटर

  • शिक्षकों के प्रशिक्षण के साथ-साथ जिला प्रशासन ने ग्रामीण स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर को डिजिटल रूप से मजबूत करने का खाका भी तैयार किया है।

  • कंप्यूटर और लैपटॉप वितरणः 'डिवाइस फॉर ड्रीम्स' अभियान के तहत सीएसआर और

  • जनसहभागिता के माध्यम से मार्च 2027 तक जिले की करीब 3,500 स्कूलों को 40,000 नए या रिफर्विश्ड कंप्यूटर और लैपटॉप दिए जाएंगे।

  • आधुनिक लैंग्वेज लैब: ग्रामीण विद्यार्थियों के अंग्रेजी भाषा कौशल और संवाद क्षमता को सुधारने के लिए स्कूलों में अत्याधुनिक 'लैंग्वेज लैब' शुरू की जाएंगी।

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