गेंदे के फूल (pic credit; social media)  
पुणे

पुरंदर में गेंदे का सुनहरा मौसम, त्योहारों पर किसानों को मुनाफे की आस

Pune News: पुणे में गेंदे की खेती तेजी से बढ़ रही है। इस बार बारिश अच्छी होने के कारण खेतों में फूलों का उत्पादन बढ़ा है। आने वाले त्योहारों के मौसम में किसानों को इससे अच्छे मुनाफे की उम्मीद है।

सोनाली चावरे

Maharashtra News: त्योहारों का मौसम नजदीक आते ही फूलों की मांग बढ़ जाती है और किसानों को भी अपनी मेहनत का फल अच्छे दामों के रूप में मिलता है। इस बार पुणे जिले के पुरंदर तहसील के किसानों को इसी तरह की खुशखबरी मिलने वाली है। यहां गेंदे के फूलों की खेती का रकबा पिछले साल की तुलना में और ज्यादा बढ़ा है।

कृषि विभाग के अनुसार, इस साल पुरंदर तहसील में गेंदे की खेती का क्षेत्रफल 156.5 हेक्टेयर तक पहुंच गया है। जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 139.2 हेक्टेयर था। यानी इस बार खेती में 17.3 हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई है।

तहसील कृषि अधिकारी श्रीधर चव्हाण ने बताया कि इस साल मॉनसून से पहले अच्छी बारिश हुई थी। नदियां और नाले भरने से किसानों को सिंचाई की पर्याप्त सुविधा मिली, जिसका सीधा असर गेंदे की खेती पर पड़ा है। कई किसानों ने पारंपरिक फसलों की जगह अब फूलों की खेती को चुना है।

पुरंदर तहसील के चार कृषि क्षेत्रों में किसान बड़े पैमाने पर गेंदे की बुआई कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि गणेशोत्सव, भाद्रपद बैलपोला, नवरात्रि, दशहरा और दिवाली जैसे त्योहारों के दौरान गेंदे के फूलों की भारी मांग रहती है। ऐसे में अगर उत्पादन अच्छा हुआ तो बाजार में फूलों की कमी नहीं होगी और किसानों को भी बेहतर दाम मिलेंगे।

फूलों का कारोबार खासकर त्योहारों और शादियों के मौसम में तेजी पकड़ता है। ऐसे में किसानों को उम्मीद है कि इस बार उनकी मेहनत का दाम दोगुना होगा।

गेंदे की खेती से न सिर्फ किसानों की आमदनी बढ़ेगी बल्कि फूलों की बढ़ती मांग को पूरा करने में भी यह सहायक साबित होगी। कृषि विभाग का मानना है कि अगर यही रुझान जारी रहा तो आने वाले सालों में पुरंदर तहसील फूल उत्पादन का एक बड़ा केंद्र बन सकता है।

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