पुणे में पानी की कटौती 10% से बढ़ाकर 20% करने पर 28 अक्टूबर को फैसला होगा।
कम बारिश और बांधों में घटते जल भंडार के कारण जल संकट गहराया।
महापौर मंजुषा नागपुरे ने सर्वदलीय बैठक में जल भंडार और पानी की जरूरतों की समीक्षा के निर्देश दिए।
Pune Dam Water Level Update: पुणे शहर में पानी की मौजूदा 10 प्रतिशत कटौती को बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने के प्रस्ताव पर 28 अक्टूबर को फैसला होगा। महापौर मंजुषा नागपुरे ने महानगरपालिका आयुक्त नवल किशोर राम को सर्वदलीय गुटनेताओं की बैठक बुलाने के निर्देश दिए हैं।
इस बैठक में सिंचाई विभाग के अधिकारी भी शामिल होंगे। बांधों में घटते जल भंडार और कम बारिश को देखते हुए पानी का सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करने पर जोर दिया जा रहा है।
पुणे को पानी की आपूर्ति करने वाले बांधों में उपलब्ध जल भंडार को लंबे समय तक बनाए रखने के उद्देश्य से 15 अक्टूबर से शहर में पानी की कटौती लागू की गई है। महानगरपालिका ने हर गुरुवार को पूरे शहर की जलापूर्ति बंद रखने का निर्णय लिया है। इस व्यवस्था से फिलहाल करीब 10 प्रतिशत पानी की कटौती हो रही है।
जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी ने गुरुवार को आयोजित बैठक में जिले के सभी स्थानीय निकायों को पानी की कटौती बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने के निर्देश दिए।
इसका उद्देश्य बांधों में उपलब्ध पानी को अधिक समय तक सुरक्षित रखना है। कम बारिश के कारण जल भंडार पर दबाव बढ़ने की आशंका के बीच प्रशासन पानी के इस्तेमाल को लेकर सतर्कता बरत रहा है।
पानी की कटौती का मुद्दा महानगरपालिका की सर्वसाधारण सभा में भी उठा। इसके बाद महापौर मंजुषा नागपुरे ने आयुक्त को सभी दलों के गुटनेताओं और सिंचाई विभाग के अधिकारियों की बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए।
बैठक में बांधों में उपलब्ध जल भंडार और शहर की पानी की जरूरतों की समीक्षा की जाएगी। इसके आधार पर तय होगा कि मौजूदा 10 प्रतिशत कटौती जारी रखी जाए या इसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया जाए।
कटौती बढ़ाने का निर्णय होने पर पुणे शहर के नागरिकों को पानी के इस्तेमाल में और सावधानी बरतनी पड़ सकती है। फिलहाल अंतिम निर्णय 28 अक्टूबर की बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा। ऐसे में शहरवासियों की नजर प्रशासन के अगले कदम पर है।