पुणे महानगरपालिका (सोर्स: सोशल मीडिया) 
पुणे

पुणे मनपा में विकास कार्यों को मिली रफ्तार, ₹1 करोड़ तक के प्रस्तावों को वित्तीय समिति से छूट

Pune Municipal Corporation News: आयुक्त नवल किशोर राम ने विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। अब ₹1 करोड़ तक के कार्यों को वित्तीय समिति की पूर्व मंजूरी के बिना स्वीकृति मिल सकेगी।

अपूर्वा नायक

Pune Municipal Corporation Development Work: पुणे महानगर पालिका (पीएमसी) में विकास कार्यों की गति को लेकर जारी गतिरोध के बीच, आयुक्त नवल किशोर राम ने एक महत्वपूर्ण और संतुलित निर्णय लिया है।

नगरसेवकों द्वारा निरंतर यह मांग की जा रही थी कि वित्तीय समिति की प्रक्रिया के कारण विकास कार्यों में अनावश्यक विलंब हो रहा है, अतः इस समिति को भंग कर दिया जाए। हालांकि, आयुक्त ने समिति को पूरी तरह समाप्त करने की मांग को अस्वीकार करते हुए एक मध्यम मार्ग अपनाया है।

3 हजार करोड़ से अधिक का घाटा और समिति का गठन

नए आदेश के अनुसार, अब महानगर पालिका के विभिन्न विभागों और क्षेत्रीय कार्यालयों के स्तर पर होने वाले एक करोड़ रुपये तक के विकास कार्यों के लिए वित्तीय समिति की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य नहीं होगा। इस निर्णय के माध्यम से आयुक्त ने जनप्रतिनिधियों के असंतोष को कम करने और प्रशासनिक नियंत्रण बनाए रखने के बीच प्रभावी तालमेल बिठाने का प्रयास किया है। विदित हो कि पुणे मनपा के बजट में वर्तमान में तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक का घाटा है। आय में मात्र दस प्रतिशत की वृद्धि होने के बावजूद, स्थायी समिति और प्रशासन ने बजट के आकार में काफी बढ़ोतरी कर दी थी।

जनप्रतिनिधियों का असंतोष होगा कम

कोरोना काल के दौरान व्यय पर नियंत्रण रखने और गैर-जरूरी खर्चों में कटौती करने के उद्देश्य से तत्कालीन आयुक्त ने वित्तीय समिति का गठन किया था। इस समिति में मनपा के वरिष्ठ अधिकारियों को सम्मिलित किया गया था, जो विकास कार्यों की प्राथमिकता निर्धारित करते थे। यद्यपि समिति की कार्यप्रणाली से अनावश्यक व्यय में बचत हुई, किंतु चार वर्षों के प्रशासक राज के पश्चात जब निर्वाचित सदन पुनः अस्तित्व में आया, तो सत्ताधारी दल के नगरसेवकों ने आरोप लगाया कि दस लाख रुपये जैसे लघु कार्यों की मंजूरी के लिए भी महीनों का समय लग रहा है।

बैठक में सीमा 25 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ की गई

हाल ही में संपन्न हुई स्थायी समिति की बैठक में क्षेत्रीय कार्यालयों के 25 लाख रुपये तक के प्रस्तावों को इस समिति से छूट देने का निर्णय लिया गया था, परंतु प्रशासन ने तब इस पर अंतिम मुहर नहीं लगाई थी। अब आयुक्त नवल किशोर राम ने स्वयं पहल करते हुए इस सीमा को सीधे एक करोड़ रुपये तक बढ़ा दिया है। आयुक्त के इस नवीन आदेश के उपरांत अब एक करोड़ रुपये तक की लागत वाले विकास कार्यों की फाइलें सीधे स्वीकृत हो सकेंगी, जिससे जमीनी स्तर पर निर्माण और मरम्मत कार्यों में तीव्रता आने की संभावना है। हालांकि, बड़ी परियोजनाओं और भारी निवेश वाले कार्यों पर वित्तीय समिति का पूर्ववत नियंत्रण बना रहेगा।

कार्य क्षमता बढ़ेगी

प्रशासन के इस कदम को लोकप्रतिनिधियों व अधिकारियों के मध्य जारी खींचतान को समाप्त करने की दिशा में एक ठोस प्रयास माना जा रहा है। वर्तमान बजट (2025-26) का अनुमानित आकार ₹11,627 करोड़ है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 15% अधिक है। नगर निगम के राजस्व का मुख्य आधार प्रॉपर्टी टैक्स (40%) और जीएसटी क्षतिपूर्ति (35%) है।

पुणे में कुल 15 क्षेत्रीय कार्यालय हैं, जिन्हें अब ₹1 करोड़ तक के कार्यों को सीधे निष्पादित करने का अधिकार मिल गया है। वित्तीय समिति के मुख्य ढांचे में अतिरिक्त आयुक्त, मुख्य लेखा परीक्षक और मुख्य अभियंता शामिल होते हैं। रिकॉर्ड के अनुसार, इस समिति ने पिछले दो वर्षों में अनावश्यक निविदाओं को रोककर निगम के लगभग ₹250 करोड़ की बचत की है।

JPSC Exam Scam: JPSC-JSSC भर्ती परीक्षा धांधली की ED जांच शुरू, मनी ट्रेल खंगालने रांची पहुंची 5 सदस्यीय टीम

अवैध बांग्लादेशियों पर कसा शिकंजा, बेंगलुरु पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन; 100 से अधिक विदेशियों की हुई पहचान

आज की ताजा खबर 10 अगस्त LIVE: रांची में पुलिस के सामने राष्ट्रगान गाने लगे छात्र; पुलिस ने किया लाठीचार्ज

SBI Vacancy 2026: ग्रेजुएट युवाओं के लिए SBI में नौकरी का मौका, 1,538 पदों पर भर्ती, जानें योग्यता व सैलरी

जरा याद करो कुर्बानी: नंदुरबार के 16 साल के शेर का जिगरा देख कांप उठे थे अंग्रेज, सीने पर खाईं थी 4 गोलियां