पुणे महानगरपालिका (सौ. सोशल मीडिया )
Pune Municipal Corporation Pending Funds: पुणे महानगर पालिका में चुनावों के बाद निर्वाचित सदस्यों की सामान्य सभा के अस्तित्व में आने से 15वें वित्त आयोग के तहत लंबित 307 करोड़ रुपये के अनुदान मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
केंद्र सरकार ने वर्ष 2020-21 से 2025-26 की अवधि के लिए मनपा के लिए कुल 824 करोड़ रुपये का अनुदान स्वीकृत किया था। हालांकि, मार्च 2022 से निर्वाचित प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति का हवाला देते हुए केंद्र ने अब तक केवल 517 करोड़ रुपये ही जारी किए थे और शेष 307 करोड़ रुपये रोक लिए थे। अब चुनाव प्रक्रिया संपन्न होने के बाद इस अटकी हुई राशि के मार्च 2026 तक मनपा को मिलने की उम्मीद है।
वायु प्रदूषण नियंत्रण का 119 करोड़ फंड भी अटका
- उल्लेखनीय है कि जब केंद्र ने यह निधि मंजूर की थी, तब मनपा की सामान्य सभा कार्यरत थी। मार्च 2022 में कार्यकाल समाप्त होने के बाद ओबीसी आरक्षण के मुद्दे के चलते चुनाव टल गए थे, जिससे लोक निर्वाचित प्रतिनिधियों के अभाव में यह तकनीकी बाधा उत्पन्न हुई थी।
- मनपा प्रशासन ने अब नगर विकास विभाग के माध्यम से केंद्र सरकार से संपर्क साधना शुरू कर दिया है।
- 15वें वित्त आयोग के तहत मंजूर किए गए फंड में से वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवंटित्त 381।90 करोड़ में से 119 करोड़ और जल
आपूर्ति व ठोस कचरा प्रबंधन के लिए निर्धारित राशि में से 188 करोड़ रुपये अब भी लंबित हैं।
- अतिरिक्त नगर आयुक्त पृथ्वीराज बी।पी। ने बताया कि निर्वाचित प्रतिनिधि न होने से अनुदान प्राप्ति में कठिनाइयां आ रही थीं, लेकिन अब सरकार के माध्यम से तत्काल प्रस्ताव भेजकर फंड जारी करने की प्रक्रिया तेज की जाएगी।
- चूंकि इस निधि के उपयोग की अंतिम समय सीमा मार्च 2026 तक है, इसलिए मनपा को पूरी राशि मिलने की उम्मीद है। इस फंड के प्राप्त होने से शहर के महत्वपूर्ण विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।