पुणे मेट्रो (सौ. सोशल मीडिया )
Pune News In Hindi: पुणे मेट्रो को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और भविष्य में टिकट दरों में बढ़ोतरी को रोकने के लिए 'महामेट्रो' ने एक मास्टर प्लान तैयार किया है।
महामेट्रो अब केवल टिकटों की बिक्री पर निर्भर रहने के बजाय अपनी अचल संपत्तियों और इंफ्रास्ट्रक्चर के व्यवसायिक उपयोग से कमाई करेगी। प्रबंध निदेशक श्रवण हर्डीकर ने स्पष्ट किया कि यात्रियों पर बोझ डाले बिना मेट्रो के संचालन खर्च को निकालने के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य है।
50:50 का फॉर्मूला तैयार, ऐसे होगी कमाई
महामेट्रो ने लक्ष्य रखा है कि कुल संचालन खर्च का केवल 50% हिस्सा टिकटों से (फेयर बॉक्स रेवेन्यू) और बाकी 50% हिस्सा अन्य माध्यमों (नॉन-फेयर बॉक्स रेवेन्यू) से जुटाया जाए। इसके लिए 11 प्रमुख स्टेशनों के 'नेमिंग राइट्स' निजी कंपनियों को आवंटित कर दिए गए हैं।
पुणे में 11 मेट्रो स्टेशनों की हुई ब्रांडिंग
- इन मेट्रो स्टेशनों के बदले नामः नल स्टॉप, गरवारे कॉलेज, फुगेवाडी, पुणे स्टेशन और कल्याणी नगर जैसे स्टेशनों के साथ अब बजाज फिनसर्व, रूबी हॉल और माणिकचंद जैसे ब्रांड के नाम जुड़ेंगे।
- इसके अलावा, अन्य आय के स्रोत के रूप में स्टेशनों पर मोबाइल टावर, इंटरनेट फाइबर केबल बिछाने की अनुमति, दुकानों के लिए जगह किराए पर देना और डिजिटल विज्ञापन बोर्ड. लगाए जाएंगे।
- मेट्रो शहर की जीवनरेखा है. वनाज से चांदनी चौक और स्वारगेट से कात्रज जैसे नए रूटों के विस्तार के लिए भारी पूंजी की आवश्यकता है. व्यवसायिक समझौतों से मिलने वाला राजस्व हमें सस्ती और विश्वस्तरीय सेवा बनाए रखने में मदद करेगा। - श्रवण हर्डीकर, प्रबंध निदेशक, महामेट्रो, पुणे