मतदान का समय: कल सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक वोटिंग होगी।
11 पहचान दस्तावेज मान्य: मतदाता पहचान पत्र के अलावा आधार, पैन, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस भी शामिल हैं।
चुनाव अधिकारी की अपील: मतदाताओं से वैध पहचान दस्तावेज साथ लाने का आग्रह किया है।
Voting Day Valid Identity Documents: महाराष्ट्र विधान परिषद के पुणे विभाग स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव में मतदान के लिए 11 प्रकार के पहचान पत्र मान्य होंगे। इनमें मतदाता पहचान पत्र (ईपीआईसी) के अलावा 10 अन्य दस्तावेज शामिल हैं। विभागीय आयुक्त एवं चुनाव निर्णय अधिकारी शीतल तेली उगले ने यह जानकारी दी।
महाराष्ट्र विधान परिषद के पुणे विभाग स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को मतदान कराया जाएगा। मतदान प्रक्रिया सुबह 8 बजे शुरू होगी और शाम 4 बजे तक चलेगी। चुनाव में हिस्सा लेने वाले मतदाताओं को मतदान केंद्र पर अपनी पहचान प्रमाणित करना अनिवार्य होगा।
जिन मतदाताओं के पास मतदाता पहचान पत्र (EPIC) उपलब्ध नहीं है, वे निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित अन्य मान्य दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत कर सकते हैं। चुनाव प्रशासन ने मतदाताओं से अपील की है कि वे मतदान केंद्र पर वैध पहचान पत्र साथ लेकर पहुंचें, ताकि पहचान सत्यापन में परेशानी न हो और वे अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें।
मान्य दस्तावेजों में आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, पासपोर्ट, केंद्र या राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रम, स्थानीय निकाय अथवा निजी औद्योगिक संस्थानों द्वारा जारी सेवा पहचान पत्र शामिल हैं।
इसके अलावा सांसद, विधायक या विधान परिषद सदस्यों को जारी आधिकारिक पहचान पत्र, संबंधित शैक्षणिक संस्थानों के सेवा पहचान पत्र, विश्वविद्यालय द्वारा जारी मूल डिग्री या डिप्लोमा प्रमाणपत्र, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाणपत्र तथा केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा जारी विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी) भी मान्य होंगे।
विभागीय आयुक्त एवं चुनाव निर्णय अधिकारी शीतल तेली-उगले ने पुणे विभाग के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं से मतदान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। उन्होंने कहा कि सभी मतदाता मतदान केंद्र पर अपना मतदाता पहचान पत्र (EPIC) या निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित सूची में शामिल कोई एक वैध पहचान दस्तावेज जरूर साथ लेकर आएं।
पहचान सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मतदान किया जा सकेगा। उन्होंने मतदाताओं से अपने मताधिकार का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने का आग्रह किया।