अस्पताल का निरीक्षण करते आयुक्त नवल किशोर राम (फोटो नवभारत)
पुणे

पुणे में डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच अस्पताल पहुंचे मनपा आयुक्त, बेड और इलाज की व्यवस्था का लिया जायजा

Dengue Cases In Pune: पुणे में 20 अक्टूबर तक डेंगू के 2,291 मामले सामने आए हैं। आयुक्त ने नायडू अस्पताल का निरीक्षण किया, जहां 50 में से 35 बेड खाली हैं और इलाज मुफ्त है।

आलोक उमाकृष्ण

Highlights

  • नायडू अस्पताल में डेंगू मरीजों के लिए 50 बेड, जिनमें 35 खाली हैं।

  • 18,885 कंटेनरों में लार्वा मिले, 2,664 संपत्तियों को नोटिस जारी किए गए।

  • पानी जमा न होने दें, टंकियां ढकें और सप्ताह में एक दिन ड्राई डे मनाएं।

Naidu Hospital Beds And Dengue Prevention Drive: शहर में डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच पुणे महानगरपालिका आयुक्त नवल किशोर राम ने शनिवार को बाणेर स्थित डॉ. नायडू संक्रामक रोग अस्पताल का निरीक्षण किया।

उन्होंने अस्पताल में डेंगू मरीजों के उपचार की व्यवस्था, उपलब्ध बेड, दवाइयों और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। साथ ही संबंधित अधिकारियों को बीमारी की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने स्पष्ट किया कि शहर के मनपा अस्पतालों में डेंगू के इलाज के लिए पर्याप्त बेड और दवाइयां उपलब्ध हैं। इसलिए नागरिकों को घबराने की जरूरत नहीं है। डेंगू के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी अस्पताल में जांच कराकर उपचार शुरू कराना चाहिए।

नायडू अस्पताल में 50 बेड, 35 खाली

मनपा के अनुसार, डॉ. नायडू अस्पताल में डेंगू मरीजों के लिए 50 अलग बेड की व्यवस्था की गई है। इनमें प्रतिदिन 10 से 15 बेड का इस्तेमाल हो रहा है, जबकि 35 बेड खाली हैं। अस्पताल में डेंगू का उपचार पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।

शहर के निजी अस्पतालों में डेंगू मरीजों के लिए 4,409 बेड उपलब्ध हैं, जिनमें 670 आईसीयू बेड शामिल हैं। वहीं, मनपा अस्पतालों में 333 बेड उपलब्ध हैं, जिनमें छह आईसीयू बेड हैं। मनपा के मुताबिक, कुल उपलब्ध बेड में औसतन 50 प्रतिशत बेड खाली हैं। आयुक्त ने नागरिकों से केवल बड़े अस्पतालों में ही उपचार कराने की जिद न करने की अपील की।

दो वर्षों के मुकाबले मामलों में बढ़ोतरी

मनपा के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में पुणे शहर में डेंगू के 4,908 मामले दर्ज किए गए थे। वर्ष 2025 में यह संख्या घटकर 2,391 रही। वहीं, जनवरी से 20 अक्टूबर 2026 तक 2,291 मरीज सामने आ चुके हैं।

मौसम में बदलाव, निर्माण स्थलों पर जमा पानी, पानी की कटौती के कारण घरों में पानी का भंडारण और गमलों में जमा पानी डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छरों के प्रजनन की प्रमुख वजहें हैं।

चार विभागों को समन्वय से काम करने के निर्देश

आयुक्त नवल किशोर राम ने स्वास्थ्य विभाग के साथ निर्माण, अतिक्रमण और ठोस कचरा प्रबंधन विभाग को समन्वय से काम करने के निर्देश दिए। निर्माण स्थलों, कचरा डिपो और अन्य स्थानों पर पानी जमा होने से रोकने तथा मच्छरों की उत्पत्ति पर नियंत्रण के लिए तत्काल उपाय करने को कहा गया।

मनपा की टीमों ने अब तक करीब 14 लाख घरों का सर्वेक्षण कर 28.31 लाख से अधिक कंटेनरों और पानी जमा होने वाले स्थानों की जांच की है। इस दौरान करीब 13 हजार घरों के 18,885 कंटेनरों में मच्छरों के लार्वा मिले।

कार्रवाई के तहत 2,664 संपत्तियों को नोटिस जारी किए गए और 6.30 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। मनपा ने नागरिकों से पानी जमा नहीं होने देने, टंकियों को ढककर रखने और सप्ताह में एक दिन ड्राई डे मनाने की अपील की है।

- नवभारत लाइव के लिए पुणे से समीर सय्यद की रिपोर्ट

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