पुणे में भाजपा के कार्यक्रम से 96 नगरसेवक गैरहाजिर, पार्टी ने जारी किए नोटिस।
5 दिनों में जवाब देने का निर्देश, संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर निलंबन संभव।
CM देवेंद्र फडणवीस की बैठक में विधान परिषद चुनाव की रणनीति और संगठनात्मक अनुशासन पर चर्चा होगी।
Maharashtra Legislative Council Elections: विधान परिषद के स्नातक व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव प्रचार अभियान के शुभारंभ अवसर पर पुणे में पार्टी के स्थानीय कार्यक्रम से करीब 96 नगरसेवकों के गैरहाजिर रहने से गाज गिरना तय माना जा रहा है।
प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र चव्हाण की मौजूदगी के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में नगरसेवकों का न पहुंचना नेतृत्व को बेहद नागवार गुजरा है। इस अनुशासनहीनता पर सख्त रुख अपनाते हुए सभी संबंधित नगरसेवकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर 5 दिनों के भीतर लिखित जवाब मांगा गया है।
स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाए जाने पर नगरसेवकों को 3 से 4 महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है, इस पर अंतिम फैसला प्रदेशाध्यक्ष लेंगे। इस घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बुधवार, 14 अक्टूबर को पुणे दौरे पर आ रहे हैं।
वे पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका के नगरसेवकों सहित पश्चिम महाराष्ट्र के विभिन्न स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधियों की बैठक लेंगे। चुनाव प्रचार की रणनीति के साथ ही संगठनात्मक तैयारियों और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता पर भी इस बैठक में चर्चा होने की संभावना है। ऐसे में पार्टी के कार्यक्रम से नगरसेवकों की गैरहाजिरी का मुद्दा और अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।
पुणे स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव प्रचार अभियान के शुभारंभकार्यक्रम में भाजपा के सभी नगरसेवकों को उपस्थित रहने की पूर्व सूचना दी गई थी।
इसके बावजूद पार्टी के 127 नगरसेवकों में से केवल 30 ही कार्यक्रम में पहुंचे। कुछ नगरसेवकों ने उपस्थिति दर्ज कराने के बाद कार्यक्रम बीच में ही छोड दिया। पार्टी ने ऐसे नगरसेवकों की भी सूची तैयार की है।
नगरसेवकों की बड़ी संख्या में गैरमौजूदगी सामने आने के बाद सभागृह नेता गणेश बिडकर ने उपस्थित नगरसेवकों के नाम दर्ज करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्वयं सभागृह में घूमकर उपस्थिति की पुष्टि की। इसके बाद गैरहाजिर रहने और कार्यक्रम समय से पहले छोड़कर जाने वाले नगरसेवकों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई व पार्टी की ओर से नोटिस जारी कर अनुपस्थिति रहने का कारण स्पष्ट करने को कहा गया है।
टिकट पर नगरसेवक निर्वाचित हुए हैं, उसी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष के कार्यक्रम में अनुपस्थित रहना अनुशासनहीनता है। उन्होंने कहा कि संगठन को सर्वोपरि मानते हुए प्रत्येक जनप्रतिनिधि को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। दूसरी पार्टियों से भाजपा में आए नगरसेवकों को भी संगठन की अनुशासन व्यवस्था का पालन करना होगा।
विधान परिषद चुनाव के मद्देनजर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बुधवार को पश्चिम महाराष्ट्र के दौरे पर रहेंगे। दोपहर 2.30 बजे बाणेर क्षेत्र के एक होटल में उनकी उपस्थिति में बैठक आयोजित की गई है। इसमें पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ के नगरसेवकों के अलावा जिला परिषद, पंचायत समिति और नगर परिषदों के जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है व बैठक में सभी की उपस्थिति अनिवार्य की गई है। पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. स्मिता योगेश जाधव और पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से कौस्तुभ गावडे भाजपा महायुति के आधिकारिक उम्मीदवार हैं।
उनके प्रचार अभियान को प्रभावी बनाने के लिए प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र चव्हाण, मंत्री चंद्रकांत पाटिल और प्रदेश महासचिव राजेश पांडे ने पुणे शहर, पुणे ग्रामीण, सातारा, सांगली, कोल्हापुर और सोलापुर जिलों की कोर कमेटियों के साथ बैठकें कर संगठनात्मक तैयारियों की समीक्षा की है।
अब मुख्यमंत्री की बैठक में चुनाव प्रचार की रूपरेखा, स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों की भूमिका और संगठनात्मक समन्वय पर जोर रहने की संभावना है।