पीएमआरडीए की अंदरूनी सड़कें प्राधिकरण को सौंपना अनिवार्य।
7/12 उतारे पर पीएमआरडीए का नाम दर्ज कराना होगा।
सड़क हस्तांतरण के प्रमाण बिना लेआउट को अंतिम मंजूरी नहीं मिलेगी।
Maharashtra Urban Development Policy: पुणे महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) क्षेत्र में हाउसिंग प्रोजेक्ट्स और लेआउट्स की अंदरूनी (आंतरिक) सड़कों का इस्तेमाल रोकने तथा आसपास के नागरिकों को परेशान करने वाले डेवलपर्स (बिल्डरों) के खिलाफ प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाया है।
अब लेआउट की अंदरूनी सड़कों को 'कब्जा रसीद' के जरिए सीधे पीएमआरडीए को हस्तांतरित करना और संबंधित सड़कों के 7/12 (सात बारा) उतारे पर पीएमआरडीए का नाम दर्ज कराना अनिवार्य कर दिया गया है। महानगर आयुक्त डॉ. अभिजीत चौधरी ने इस संबंध में एक परिपत्रक जारी कर कड़े आदेश दिए हैं।
पीएमआरडीए सीमा के भीतर स्वीकृत होने वाले आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक लेआउट्स की अंदरूनी सड़कें नियमानुसार आसपास के भूखंडधारकों और नागरिकों के लिए खुली होना आवश्यक है।
इन सड़कों के माध्यम से पड़ोसी जमीनों को मुख्य मार्ग तक पहुंचने का कानूनी अधिकार मिलता है। हालांकि, देखा जा रहा था कि पुणे शहर प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद मूल भूस्वामी या डेवलपर अन्य नागरिकों को इन सड़कों से आवाजाही करने से रोकते थे, बाड़ (फेनसिंग) लगा देते थे या जबरन रास्ता बंद कर देते थे।
तहसीलदार और भूमि अभिलेख विभाग द्वारा सीमांकन व पैमाइश पूरी होने के बाद, संबंधित डेवलपर ने अंदरूनी सड़क को जमीन पर पूरी तरह विकसित किया है या नहीं, इसकी जमीनी जांच' सहायक महानगर नियोजनकार' करेंगे।
जब तक सड़क पूरी तरह बनकर तैयार नहीं हो जाती और उस पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न होने की पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक प्राधिकरण सड़क का कब्जा नहीं लेगा। इसके लिए डेवलपर को निर्धारित प्रारूप में एक लिखित हलफनामा जमा करना होगा। लेआउट को अंतिम मंजूरी देने से पहले 'कम-ज्यादा पत्रक' तैयार करते समय सड़क के लिए एक अलग 7/12 उतारा बनाया जाएगा।
अंदरूनी सड़कों का आधिकारिक कब्जा सीधे पीएमआरडीए के पास आ जाने से अब कोई भी डेवलपर मनमानी करके रास्तों को बंद नहीं कर सकेगा। इससे आसपास के रहवासियों को बिना किसी रुकावट के आवागमन का स्थायी मार्ग मिल सकेगा।
प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, इस कदम से जमीन या प्लॉट खरीदने वाले आम नागरिकों के साथ होने वाली धोखाधड़ी रुकेगी और भविष्य में होने वाले दीवानी व कानूनी विवादों पर पूरी तरह से विराम लगेगा।
पुणे पीएमआरडीए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी सहायक, उप और सह महानगर नियोजनकारों को इस परिपत्रक का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए है। 'कब्जा रसीद' और 7/12 उतारे पर पीएमआरडीए का नाम दर्ज होने के प्रमाण के बिना किसी भी लेआउट को अंतिम स्वीकृति प्रदान नहीं की जाएगी।