पिंपरी: पुणे-मुंबई एक्सप्रेस-वे (Pune-Mumbai Expressway) पर हादसों (Accidents) को कम करने के लिए शासन स्तर पर कई उपाय किए जा रहे हैं। इन उपायों में सड़कों की स्थिति में सुधार, सड़कों पर वाहनों की गति को कम करना, स्थानों पर सहायता केंद्र स्थापित करना और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना शामिल है। तदनुसार, पिंपरी-चिंचवड उप-क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय की ओर से पुणे-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर एक विशेष अभियान (Special Campaign) चलाया जा रहा है। गत वर्ष में दिसंबर से मार्च तक चार माह की अवधि में पिंपरी-चिंचवड आरटीओ (Pimpri-Chinchwad RTO) की वायुवेग टीम द्वारा 7,310 वाहन चालकों के विरुद्ध विभिन्न कार्रवाई की गई। वहीं 11 हजार 70 वाहन चालकों की काउंसलिंग की गई।
पिंपरी-चिंचवड आरटीओ कार्यालय की वायुवेग टीम ने एक्सप्रेस-वे पर 7,310 वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की। अधिकतर कार्रवाइयां तेज गति, लेन काटने और सीट बेल्ट नहीं लगाने के लिए की गई हैं। ओवरस्पीडिंग मामले में 2,682 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन पर बात करने के मामले में चार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गयी है।
चार माह की अवधि में वायु वेग दल ने 17 हजार 156 वाहनों का निरीक्षण किया। जांच में यह भी पाया गया कि यात्री बस में सामान परिवहन किया जा रहा था। इस संबंध में 38 बसों पर कार्रवाई की गई है। वायुवेग टीम ने चार माह में 11 हजार 70 वाहन चालकों की काउंसलिंग की। पिंपरी चिंचवड़ अनुमंडल परिवहन अधिकारी अतुल आदे ने यातायात नियमों का पालन करते हुए वाहन चलाने की अपील करते हुए कहा कि वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करना चाहिए। आरटीओ ने वाहन चालकों को सड़क अनुशासन की जानकारी दी। तेज रफ्तार से गाड़ी न चलायें, सीटबेल्ट का प्रयोग करें, लेन कटिंग के नियमों का पालन किया जाए।