पीसीएमसी के मराठी माध्यम के 128 प्राथमिक स्कूलों में प्रधानाध्यापकों के 95 पद स्वीकृत हैं।
95 पदों में से केवल 64 पर नियुक्तियां हैं, जबकि 31 पद रिक्त हैं।
टीईटी परीक्षा में देरी के कारण प्रधानाध्यापकों की पदोन्नति प्रक्रिया अटकी हुई है।
प्रभारी प्रधानाध्यापकों को अध्यापन के साथ प्रशासनिक और वित्तीय जिम्मेदारियां भी संभालनी पड़ रही हैं।
शिक्षा विभाग के मुताबिक, टीईटी आयोजित होने के बाद पात्र शिक्षकों को पदोन्नति देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
Pimpri Chinchwad School Headmaster Vacancy: पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका के प्राथमिक स्कूलों में प्रधानाध्यापकों की कमी से शैक्षणिक और प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो रहा है।
महानगरपालिका के मराठी माध्यम के 128 प्राथमिक स्कूलों में प्रधानाध्यापकों के 95 पद स्वीकृत हैं, लेकिन इनमें से केवल 64 पदों पर नियुक्तियां हैं। शेष 31 पद रिक्त होने के कारण संबंधित स्कूलों का कामकाज प्रभारी प्रधानाध्यापकों के भरोसे चल रहा है।
राज्य में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में देरी के कारण पात्र शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया अटकी हुई है, इससे स्कूलों में नेतृत्व और प्रशासनिक जिम्मेदारियों का अतिरिक्त बोझ शिक्षकों पर पड़ रहा है।
महाराष्ट्र राज्य में टीईटी परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद परीक्षा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है। परीक्षा आयोजित नहीं होने से वरिष्ठ शिक्षकों की पदोन्नति का रास्ता भी फिलहाल बंद है।
शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार, प्रधानाध्यापक पद पर पदोन्नति के लिए टीईटी उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। ऐसे में वरिष्ठता रखने वाले कई शिक्षक भी पदोन्नति के लिए पात्र नहीं हो पा रहे हैं। इसके चलते पदोन्नति से जुड़ी फाइल आयुक्त कार्यालय में लंबित है।
प्रधानाध्यापक का पद रिक्त होने पर वरिष्ठ शिक्षकों को प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।
उन्हें नियमित अध्यापन के साथ स्कूल का प्रशासनिक कामकाज, वित्तीय लेन-देन, शालेय पोषण आहार योजना, विद्यार्थियों का नामांकन और शासन को रिपोर्ट भेजने जैसे कार्य भी संभालने पड़ रहे हैं।
इस दोहरी जिम्मेदारी के कारण शिक्षकों पर काम का दबाव बढ़ रहा है। स्कूलों के दैनिक कामकाज, रिपोर्ट भेजने और अभिभावकों की शिकायतों के निपटारे पर भी इसका असर पड़ने की आशंका है।
महानगरपालिका विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने और स्कूलों में भौतिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है, लेकिन प्रधानाध्यापकों की कमी व्यवस्था के सामने चुनौती बनी हुई है।
पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका के प्राथमिक स्कूलों के शिक्षक संगठनों ने टीईटी परीक्षा जल्द आयोजित करने की मांग की है। साथ ही, परीक्षा की अनिवार्यता में अस्थायी छूट देकर आंतरिक पदोन्नति का रास्ता खोलने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि रिक्त पदों को भरने से शिक्षकों पर अतिरिक्त बोझ कम होगा और स्कूलों का प्रशासन अधिक व्यवस्थित तरीके से चल सकेगा।
टीईटी परीक्षा में देरी के कारण प्रधानाध्यापक पद पर पदोन्नति की प्रक्रिया फिलहाल लंबितः है। इस वजह से महानगरपालिका के 31 स्कूलों का कामकाज अस्थायी रूप से प्रभारी प्रधानाध्यापकों के माध्यम से चलाया जा रहा है। परीक्षा आयोजित होने के बाद पात्र शिक्षकों को पदोन्नति देकर इस समस्या का समाधान किया जाएगा।संगीता बांगर, प्रशासन अधिकारी, शिक्षा विभाग, पीसीएमसी