नितिन गडकरी, मिसिंग लिंक पर भूस्खलन सोर्स: सोशल मीडिया
पुणे

काम महाराष्ट्र सरकार का और ट्रोल हो गए नितिन गडकरी! मिसिंग लिंक भूस्खलन विवाद पर छलका केंद्रीय मंत्री का दर्द

Nitin Gadkari on Missing Link Landslide: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के मिसिंग लिंक पर भूस्खलन के बाद हुई ट्रोलिंग पर नितिन गडकरी ने दुख जताया। उन्होंने कहा कि इसका निर्माण केंद्र सरकार ने नहीं किया है।

आकाश मसने

Nitin Gadkari on Missing Link Landslide Trolling: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के बहुचर्चित 'मिसिंग लिंक' प्रोजेक्ट पर हुए भूस्खलन के बाद सोशल मीडिया पर हुई अपनी बेवजह की ट्रॉलिंग को लेकर अपना दर्द बयां किया है। एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान नितिन गडकरी ने साफ शब्दों में स्पष्ट किया कि जिस निर्माण कार्य को लेकर उन्हें निशाना बनाया गया, उसका निर्माण केंद्र सरकार या उनके मंत्रालय द्वारा नहीं, बल्कि महाराष्ट्र राज्य सरकार द्वारा कराया गया है। इसके बावजूद, सोशल मीडिया पर बिना तथ्यों की पड़ताल किए उन्हें निशाना बनाया गया।

मिसिंग लिंक विवाद पर क्या बोले नितिन गडकरी?

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि मैंने 27 साल पहले पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे का निर्माण कराया था। आज भी इस सड़क की गुणवत्ता इतनी शानदार है कि इस पर एक भी गड्ढा नहीं है। हालांकि, इतने वर्षों बाद भी इस बेहतरीन सड़क की स्थिति के लिए मीडिया से कोई सराहना नहीं मिलती। लेकिन जब मिसिंग लिंक सेक्शन पर कोई समस्या आई, तो सोशल मीडिया पर मुझे ट्रोल किया गया और दोषी ठहराया गया। जबकि इससे मेरा कोई लेना-देना नहीं है।

नितिन गडकरी ने बताया कि जिस मिसिंग लिंक पर भूस्खलन को लेकर उन्हें सोशल मीडिया पर निशाना बनाया जा रहा है उस मिसिंग लिंक का निर्माण केंद्र सरकार ने नहीं बल्कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा किया गया था।

जवाबदेही तय करने का माध्यम

इसके साथ ही नितिन गडकरी ने यह भी माना कि इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में गुणवत्ता बनाए रखने और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने में सोशल मीडिया एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

प्रोजेक्ट में देरी और भूस्खलन की पूरी वजह क्या थी?

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने खुलासा किया कि वह मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के मूल निर्माण के दौरान ही 'मिसिंग लिंक' बनाना चाहते थे, लेकिन उस समय वन विभाग से आवश्यक मंजूरी नहीं मिल पाई थी, जिसके कारण तब यह काम नहीं हो पाया था।

क्या है मिसिंग लिंक?

बता दें कि महाराष्ट्र सरकार ने लगभग 6,600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर मिसिंग लिंक का निर्माण किया। यह मेगा प्रोजेक्ट रायगड के खोपोली को लोनावला के पास कुसगांव से जोड़ता है। इसका मुख्य उद्देश्य खंडाला और लोनावला के खतरनाक और ट्रैफिक-जाम वाले पहाड़ी घाट सेक्शन को बाईपास करना है।

मिसिंग लिंक पर हुआ भूस्खलन

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 1 मई को इसका उद्घाटन किया गया था। मिसिंग लिंक बनने से पुणे और मुंबई के बीच यात्रा का समय कम हुआ है। हालांकि जुलाई की शुरुआत में हुई भारी बारिश के कारण मिसिंग लिंक के हिस्से पर भूस्खलन हो गया, जिससे यातायात बाधित हुआ था। इसके बाद विपक्षी नेताओं ने भी निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए राज्य सरकार की आलोचना की थी।

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