Pune Paper Leak Scam Allegations: महाराष्ट्र की शैक्षणिक राजधानी पुणे में प्रतियोगी परीक्षाओं (MPSC) में कथित पेपर लीक, भ्रष्टाचार और बड़े पैमाने पर हुई अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है। ओंकारेश्वर मंदिर से शुरू होकर जिलाधिकारी (कलेक्ट्रेट) कार्यालय तक निकाले गए इस ऐतिहासिक विरोध मार्च में 25,000 से अधिक छात्र-छात्राओं और अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। छात्रों का आरोप है कि विभिन्न सरकारी भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली से लाखों मेधावी युवाओं का भविष्य अंधकार में लटक गया है।
आंदोलन के समन्वयकों और छात्र प्रतिनिधियों ने प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा है। आंदोलन के प्रतिनिधि सचिन ढवले के अनुसार, छात्रों और शिक्षकों ने कथित अनियमितताओं और धांधली से जुड़े लगभग 200 पन्नों के पुख्ता दस्तावेज और सबूत सरकार को सौंपे हैं। छात्रों की प्रमुख मांगों में MPSC अध्यक्ष का तत्काल इस्तीफा, कथित पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच, कृषि विभाग तथा पुणे महानगरपालिका (PMC) की भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों पर सख्त कार्रवाई और संपूर्ण परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाना शामिल है।
छात्रों के इस विशाल आक्रोश मार्च को राज्य के प्रमुख विपक्षी नेताओं का भी व्यापक समर्थन मिला। सांसद सुप्रिया सुले, विधायक रोहित पवार और डॉ. विश्वजीत कदम सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर छात्रों की मांगों का समर्थन किया। विपक्षी नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने युवाओं की जायज मांगों पर तुरंत संज्ञान नहीं लिया, तो इस मुद्दे पर सड़क से लेकर सदन तक बड़ा राजनीतिक संघर्ष खड़ा किया जाएगा।
आंदोलनकारी छात्रों ने महाराष्ट्र सरकार और MPSC आयोग को अपनी मांगों पर निर्णय लेने के लिए तीन दिनों का अल्टीमेटम दिया है। छात्र संगठनों ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर मुख्यमंत्री स्तर पर वार्ता आयोजित कर ठोस फैसले नहीं लिए गए, तो पुणे के शास्त्री रोड पर दिल्ली के 'जंतर-मंतर' की तर्ज पर अनिश्चितकालीन धरना और नाकेबंदी शुरू की जाएगी। प्रशासन ने स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए क्षेत्र में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं।