Pune Drinking Water Issue: पुणे जिले में गर्मी बढ़ने के साथ पानी का संकट गंभीर होता जा रहा है। जिले के करीब 90 हजार लोगों की प्यास इन दिनों टैंकरों के पानी से बुझाई जा रही है। जिले में पानी की कमी के चलते टैंकरों की संख्या बढ़कर 50 तक पहुंच गई है। फिलहाल 50 गांवों और 256 वाडियों-बस्तियों में पानी सप्लाई के लिए टैंकर शुरू किए गए हैं।
सबसे अधिक 21 टैंकर आंबेगांव तहसील में चलाए जा रहे हैं, जहां 21 गांवों और 82 वाडियों में भीषण जल संकट बना हुआ है। जिले के डैमों में पानी का स्तर संतोषजनक होने के बावजूद डैमों के लाभ क्षेत्र से बाहर के गांवों में पानी की भारी किल्लत है।
जल जीवन मिशन के तहत सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च कर पेयजल योजनाएं शुरू की गईं, लेकिन जमीनी स्तर पर पानी की समस्या अब भी जस की तस बनी हुई है। फिलहाल जिले की 6 तहसीलों में 50 टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाया जा रहा है। केवल लोगों को ही नहीं, बल्कि पशुधन भी जल संकट से प्रभावित है।
आंबेगांव तहसील में 30.683 लोगों को टैंकरों से पानी दिया जा रहा है। टैंकर मुक्त आआंबेगांव का दावा केवल कागजों तक सीमित नजर आ रहा है, क्योंकि यहां 21 गांवी और 82 वाडियों में टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाया जा रहा है, जुन्नर तहसील में 12 टैंकरों से 61 वाडियो-बस्तियों के लगभग 16 हजार लोगों की पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।
यह भी पढ़ें:-पुणे: 10वीं-12वीं पूरक परीक्षा हुई महंगी, राज्य बोर्ड ने बढ़ाया शुल्क, छात्रों व अभिभावकों को लगा तगड़ा झटका
वहीं, खेड में 7 टैंकरों के जरिए 9 गांवों और 96 वाडियों में 2।341 लोगों की प्यास बुझाई जा रही है, भौर तहसील में 4 टैंकर शुरू है, जहां 2,000 पशुओं को भी टैंकरों से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। हवेली तालुका में 5 टैंकर संचालित है, जबकि पुरंदर तहसील में भी 1 टैंकर शुरू किया गया है।