पुणे के दौंड तालुका के डालिंब गांव में मामूली विवाद में युवक की गला दबाकर हत्या।
सबूत मिटाने के लिए आरोपी ने शव के हाथ-पैर लोहे के तार से बांधकर कुएं में फेंक दिया।
यवत पुलिस ने मुख्य संदिग्ध विजय लेचरूड को गिरफ्तार कर लिया है।
Daund Dalimb Murder Case: महाराष्ट्र के पुणे जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। पुणे के दौंड तालुका के डालिंब गांव में मामूली सी बात पर उपजे विवाद के चलते एक 35 वर्षीय युवक की बेरहमी से गला दबाकर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद आरोपियों ने शव के हाथ-पैर लोहे के तार से बांध दिए और उसमें भारी पत्थर बांधकर कुएं में फेंक दिया, ताकि घटना का कोई सुराग न मिल सके। पुणे ग्रामीण पुलिस ने एक आरोपी को दबोच लिया है।
मिली जानकारी के अनुसार यह घटना पुणे के दौंड तालुका के डालिंब गांव की है। मृतक की पहचान 35 वर्षीय भीमाशंकर धोंडीबा खंडागले के रूप में हुई। 3 अक्टूबर को शाम करीब 6 बजे भीमाशंकर खंडागले के लापता होने की शिकायत उनकी मां नंदा धोंडीबा खंडागले ने यवत पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई थी।
भीमाशंकर खंडागले की मां की शिकायत के आधार पर यवत पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 140(3) के तहत मामला दर्ज कर यवत पुलिस ने युवक की खोज शुरू की।
यवत पुलिस की जांच के दौरान 8 अक्टूबर को डालिंब गांव की सीमा में रमेश म्हस्के के कुएं से भीमाशंकर का शव बरामद हुआ। मृतक के हाथ-पैर लोहे के तार से बांधे गए थे और शव के साथ बड़ा पत्थर बांधकर उसे कुएं में फेंका गया था। इसके बाद पुलिस ने मामले में हत्या और सबूत मिटाने से संबंधित धाराएं जोड़कर जांच तेज कर दी।
पुणे जिले की यवत पुलिस के अनुसार, गुरुवार को जांच के दौरान संदिग्ध विजय लेचरूड को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। सख्ती से पूछताछ के बाद विजय टूट गया और उसने अपना जूर्म कबूल करते हुए वारदात के बारे में बताया।
आरोपी विजय लेचरूड ने पुलिस को बताया कि भीमाशंकर खंडागले की ओर से कथित तौर पर गाली-गलौज की गई थी। इससे उसने अपना आपा खो दिया और गुस्से में भीमाशंकर का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद सबूत मिटाने के लिए हाथ-पैर लोहे के तार से बांधकर और शव के साथ बड़ा पत्थर बांधा और उसे कुएं में फेंक दिया।
फिलहाल, यवत पुलिस ने आरोपी विजय लेचरूड को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस वारदात में आरोपी विजय के साथ कोई भी शामिल था क्या?
यह कार्रवाई पुणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. शुभम कुमार, बारामती विभाग के अपर पुलिस अधीक्षक गणेश बिरादार और दौंड के उपविभागीय पुलिस अधिकारी बापुराव दडस के मार्गदर्शन में की गई। मामले की आगे की जांच पुलिस उपनिरीक्षक अक्षय मोरे कर रहे हैं।
(एजेंसी इनपुट के साथ)