सुखोई 30 एमकेआई फाइटर जेट में उड़ान भरते एपीजे अब्दुल कलाम  सोर्स: सोशल मीडिया
पुणे

एपीजे अब्दुल कलाम जयंती: एक रैंक से टूटा था पायलट बनने का सपना, 74 साल की उम्र में पुणे के आसमान में किया पूरा

APJ Abdul Kalam Birth Anniversary Special: डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर जानिए उनके जीवन का वह रोमांचक किस्सा, जब उन्होंने 74 वर्ष की उम्र में सुखोई लड़ाकू विमान उड़ाकर इतिहास रच दिया था।

आकाश मसने

Highlights

  • 15 अक्टूबर को डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती है।

  • वायुसेना की चयन परीक्षा में नौवां स्थान मिलने के कारण कलाम फाइटर पायलट बनने से महज एक रैंक से चूक गए थे।

  • राष्ट्रपति रहते हुए पुणे के लोहेगांव एयरबेस से उन्होंने सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी।

APJ Abdul Kalam Sukhoi Fighter Jet Flight Story: 15 अक्टूबर यानी आज देश के पूर्व राष्ट्रपति, महान वैज्ञानिक और 'मिसाइल मैन' डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती है। आज के दिन उनसे जुड़ा एक बेहद रोमांचक और प्रेरणादायक किस्सा हमेशा याद किया जाता है, जब 74 वर्ष की उम्र में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने महाराष्ट्र के पुणे स्थित लोहेगांव एयरबेस के आसमान में सुखोई लड़ाकू विमान उड़ाकर अपने बचपन का एक अधूरा सपना पूरा किया था।

जब टूट गया था फाइटर पायलट बनने का सपना

डॉ. कलाम बचपन से ही भारतीय वायुसेना (IAF) में एक फाइटर पायलट बनना चाहते थे। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने इसके लिए बकायदा परीक्षा भी दी थी। एयरफोर्स पायलट के चयन में उनका नौवां (9th) स्थान आया था, लेकिन दुर्भाग्य से उस समय केवल 8 ही वैकेंसी थीं। सिर्फ एक रैंक से चूक जाने के कारण कलाम का पायलट बनने का सपना टूट गया था। इसके बाद उन्होंने खुद को संभाला और DRDO व ISRO के जरिए देश को मिसाइल शक्ति दी।

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने अपनी आत्मकथा में लिखते है कि इस असफलता से वे बेहद निराश हुए थे और ऋषिकेश जाकर स्वामी शिवानंद से मिले थे, जिन्होंने उनसे कहा था कि इस असफलता को स्वीकार करो क्योंकि नियति के पास तुम्हारे लिए कोई बड़ा प्लान है।

भारत के पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम

74 की उम्र में पुणे के आसमान में भरी ऐतिहासिक उड़ान

नियति का वह बड़ा प्लान तब सामने आया जब वे देश के राष्ट्रपति और तीनों सेनाओं के सर्वोच्च कमांडर बने। 8 जून 2006 को पुणे का लोहेगांव एयरबेस एक अभूतपूर्व घटना का गवाह बना। 74 वर्ष की उम्र में सफेद घुंघराले बालों वाले देश के राष्ट्रपति ने फाइटर पायलट का विशेष जी-सूट पहना और भारतीय वायुसेना के सबसे घातक लड़ाकू विमान सुखोई-30 MKI के कॉकपिट में बैठ गए।

इस ऐतिहासिक उड़ान का नेतृत्व विंग कमांडर अजय राठौर कर रहे थे। विमान ने जैसे ही पुणे के रनवे से उड़ान भरी, कलाम का दशकों पुराना बचपन का सपना पंख फैलाकर आसमान में उड़ रहा था।

1200 किमी/घंटा की रफ्तार और आसमान में कलाबाजियां

यह कोई साधारण वीआईपी उड़ान नहीं थी। डॉ. कलाम ने आसमान में करीब 30 मिनट बिताए। विमान 20,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था और उसकी रफ्तार ध्वनि की गति के करीब यानी 1200 किलोमीटर प्रति घंटा थी।

उड़ान के दौरान डाॅ. कलाम ने न सिर्फ विमान की कार्यप्रणाली को समझा, बल्कि कुछ देर के लिए लड़ाकू विमान के कंट्रोल को अपने हाथों में भी लिया। विंग कमांडर राठौर के निर्देश पर उन्होंने आसमान में विमान को बाएं-दाएं घुमाया और कुछ कलाबाजियां भी कीं।

पुणे के लोहगढ़ एयरबेस पर सुखोई 30 एमकेआई फाइटर जेट की उड़ान भरने जाते एपीजे अब्दुल कलाम

कलाम बोले- आज मेरा सपना पूरा हो गया

जब सुखोई जेट पुणे एयरबेस पर सुरक्षित उतरा, तो कॉकपिट से बाहर आते ही डॉ. कलाम के चेहरे पर एक मासूम और बड़ी मुस्कान थी। उन्होंने बेहद भावुक होकर मीडिया से कहा, "मैं बचपन से ही पायलट बनना चाहता था। आज जब मैं सुखोई में उड़ रहा था, तो मुझे लगा कि मेरा वो पुराना अधूरा सपना आज आखिरकार पूरा हो गया। यह मेरे जीवन का सबसे अद्भुत और अविस्मरणीय अनुभव था।"

जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या 74 साल की उम्र में इतनी तेज रफ्तार से उड़ते हुए उन्हें डर नहीं लगा? तो मिसाइल मैन ने हंसते हुए जवाब दिया था कि जब विमान हवा में कलाबाजियां खा रहा था, तब मैं विमान के भीतर की अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी और उपकरणों को समझने में इतना व्यस्त था कि मुझे डरने का समय ही नहीं मिला।

धर्म बदलने पर नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, मद्रास हाईकोर्ट के आदेश को बताया सही

NSUI Protest: दिल्ली पुलिस के खिलाफ केरल में केस दर्ज, अथिरा विजयन की शिकायत पर जीरो FIR

IDBI बैंक के पुनर्गठन का रास्ता साफ! फेयरफैक्स की 81 रुपये प्रति शेयर बोली मंजूर, सरकार के फैसले का विरोध शुरू

पश्चिम रेलवे के 738 रूट किमी पर चालू हुआ कवच, 5,228 किमी रेल नेटवर्क को सुरक्षा प्रणाली से जोड़ने का लक्ष्य

परविंदर झोटा मर्डर केस में SHO बेअंत कौर सस्पेंड; कहीं बाजार बंद, कहीं चक्काजाम, टोल प्लाजा पर प्रदर्शन- VIDEO