CM देवेंद्र फडणवीस ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को नासिक सिंहस्थ कुंभ मेला ध्वजारोहण का न्यौता दिया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को दिया गया निमंत्रण बॉक्स खोलने पर 3D पॉप-अप में उभरता है।
यह बॉक्स पांचों इंद्रियों को जागृत करने वाली थीम पर आधारित है।
उपहार सेट में 'शबरी नेचुरल्स' के ऑर्गेनिक उत्पाद, पैठणी साड़ी और नासिक का चिवड़ा शामिल है।
President Droupadi Murmu Special Gift Box Nashik Simhastha Kumbh Invitation: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में राज्य के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से शिष्टाचार मुलाकात की। इस शिष्टाचार मुलाकात में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत राज्य मंत्रिमंडल के वरिष्ठ मंत्री व अधिकारी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने 31 अक्टूबर को नासिक-त्र्यंबकेश्वर में आयोजित होने वाले भव्य सिंहस्थ कुंभ मेला 2027 के औपचारिक 'धर्मध्वज' (ध्वजारोहण) समारोह के लिए राष्ट्रपति को आधिकारिक निमंत्रण सौंपा।
हालांकि, इस पूरी मुलाकात में सबसे ज्यादा चर्चा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेंट किए गए विशेष निमंत्रण उपहार सेट की हो रही है। यह उपहार न केवल महाराष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, बल्कि इसे एक अनोखी पांच इंद्रियों की थीम पर तैयार किया गया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को दिया गया यह आमंत्रण पत्र अपने आप में बेहद खास और कलात्मक है। इसे एक विशेष अवधारणा के तहत डिजाइन किया गया है। जैसे ही इस निमंत्रण बॉक्स को खोला जाता है, इसमें से एक त्रि-आयामी (3D पॉप-अप) दृश्य उभरकर सामने आता है। यह दृश्य कुंभ मेले की पौराणिक पृष्ठभूमि, गोदावरी नदी की पवित्रता और इसके आध्यात्मिक महत्व को जीवंत कर देता है।
इस निमंत्रण सेट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे मानव की पांचों इंद्रियों देखने, सुनने, सूंघने, स्वाद लेने और स्पर्श करने की क्षमता को सक्रिय करने के हिसाब से तैयार किया गया है। इसके जरिए नासिक की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और भारतीय परंपरा के महाकुंभ को एक नए रूप में पेश किया गया है।
इस उपहार सेट में आदिवासी विकास विभाग की पहल 'शबरी नेचुरल्स' के उत्पाद शामिल हैं। अगरबत्ती, मोटे अनाज (मिलेट्स) से बने खाद्य पदार्थ, महुआ के फूलों और बांस से बनी वस्तुएं, तथा जंगली शहद जैसी चीजें आदिवासी समुदायों के पारंपरिक ज्ञान, प्राकृतिक संसाधनों के उनके टिकाऊ उपयोग और स्थानीय उद्यमिता की ताकत को दर्शाती हैं।
यह प्रस्तुति आदिवासी कारीगरों के कौशल, स्थानीय उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराने के प्रयासों और इन समुदायों के आर्थिक सशक्तिकरण का संदेश भी देती है।
नासिक सिंहस्थ कुंभ के निमंत्रण के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को दिए गए उपहार के सेट में येवला से लाई गई महाराष्ट्र की समृद्ध वस्त्र परंपरा की पहचान 'पैठणी' शामिल है। नासिक की कृषि समृद्धि को काली किशमिश और काजू के माध्यम से दर्शाया गया है, जबकि यहां की पाक-कला विरासत को 'चिवड़ा' के जरिए प्रस्तुत किया गया है। इसके अलावा, इस उपहार सेट में मिठाइयां और सूखे मेवे (ड्राई फ्रूट्स) भी शामिल हैं।