नासिक जिले की सिन्नर तहसील के देवपूर में शुक्रवार शाम तेज आंधी-तूफान आया।
किसान सुनील वामन गडाख की 40×25 फीट की प्याज भंडारण चाल पूरी तरह उखड़ गई।
लोहे के कुछ पत्रे हवा में उड़कर करीब 200 फीट दूर जा गिरे।
हल्की बारिश से चाल में रखा प्याज भी भीग गया।
Sinnar Deopur Storm News: महाराष्ट्र राज्य के नासिक जिले में स्थित सिन्नर तहसील के पूर्वी हिस्से के देवपूर में शुक्रवार 30 अक्टूबर शाम को अचानक आए तेज आंधी-तूफान ने एक किसान को भारी नुकसान पहुंचाया है। तेज हवाओं के कहर के कारण प्याज भंडारण के लिए बनाई गई लोहे की चद्दरों वाली पूरी चाल हवा में उड़ गई।
चाल के लोहे के टुकड़े तेज हवा के भारी वेग के कारण करीब 200 फीट दूर जाकर गिरे। इसके अलावा, चाल में रखा हुआ प्याज भी हल्की बारिश के कारण भीग जाने से किसान सुनील वामन गडाख को बड़ा आर्थिक झटका लगा है। आसपास के किसानों ने मांग की है कि राजस्व विभाग इस नुकसान का तुरंत पंचनामा करे और सरकार से आर्थिक सहायता दिलवाए।
महाराष्ट्र राज्य के नासिक जिले में स्थित सिन्नर तहसील देवपूर के डंबरनाला इलाके में सुनील गडाख की कृषि भूमि है। प्याज के उत्पादन के बाद उसके भंडारण के लिए उन्होंने खेत में 40 बाई 25 फीट की लोहे की चादरों वाली प्याज की चाल बनाई थी। बड़ी मेहनत से उपजाए गए प्याज को इसी चाल में स्टोर करके रखा गया था।
हालांकि, शुक्रवार शाम करीब 5 बजे अचानक मौसम में बदलाव आया और इलाके में तेज आंधी-तूफान शुरू हो गया। कुछ ही पलों में हवा की गति अत्यधिक बढ़ गई और इस आंधी की चपेट में आकर पूरी प्याज की चाल उखड़कर हवा में उड़ गई। चाल के लोहे के टुकड़े खेत में दूर-दूर जा गिरे। कुछ पत्रे तो करीब 200 फीट की दूरी पर जा पड़े, जिससे चाल को बड़े पैमाने पर क्षति पहुंची।
महाराष्ट्र राज्य के नासिक जिले में स्थित सिन्नर तहसील में आंधी के साथ हुई हल्की बारिश के कारण चाल में भंडारित प्याज भी कुछ हद तक भीग गया। प्याज के भंडारण के लिए किसानों द्वारा किया गया खर्च, उसके लिए बनाई गई चाल और संग्रहीत उत्पाद के नुकसान के कारण किसान गडाख के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
पहले से ही खेती के लिए लगने वाले बीज, उर्वरक, दवाइयां, मजदूरी और अन्य खर्च लगातार बढ़ रहे हैं, ऐसे में इस तरह के प्राकृतिक संकटों से किसानों का आर्थिक गणित गड़बड़ा रहा है।
तूफान के कारण प्याज की चाल पूरी तरह से ध्वस्त होने से किसान सुनील गडाख को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है।
चाल के निर्माण में हुए खर्च और प्याज भीगने से हुए नुकसान को देखते हुए प्रशासन को इस घटना पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है।
सुनील गडाख सहित परिसरों के किसानों ने मांग की है कि राजस्व विभाग के अधिकारी तुरंत घटनास्थल का दौरा कर नुकसान का जायजा लें, चाल और प्याज की फसल को हुए नुकसान का उचित मूल्यांकन कर पंचनामा तैयार करें और सरकारी नियमों के अनुसार उचित मुआवजा दिलाएं।
घटना के समय खेत में करीब 15 से 20 महिला मजदूर प्याज की रोपाई का काम कर रही थीं। अचानक तेज आंधी शुरू होने से इलाके में अफरातफरी मच गई।
प्याज की चाल के पत्रे उड़ने लगे जिससे मजदूरों में डर का माहौल बन गया। हालांकि, गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी भी महिला मजदूर को चोट नहीं आई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।