Nashik Municipal Commissioner Inspection: नासिक शहर के औद्योगिक विकास की धुरी माने जाने वाले सातपुर और अंबड एमआईडीसी क्षेत्रों को जोड़ने वाले सड़क प्रोजेक्ट ने अब रफ्तार पकड़ ली है।
महानगरपालिका आयुक्त मनीषा खत्री ने पप्पाया नर्सरी से एक्सएलओ पॉइंट सर्कल तक का विस्तृत निरीक्षण कर काम की गुणवत्ता और समय सीमा को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। इस दौरान अतिरिक्त आयुक्त करिश्मा नायर और कार्यकारी अभियंता संदेश शिंदे समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
यह मार्ग केवल दो इलाकों को नहीं जोड़ता, बल्कि नासिक की अर्थव्यवस्था के लिए 'धमनी' का काम करता है। वर्तमान में जर्जर सड़क और अतिक्रमण के कारण भारी वाहनों को घंटों जाम में फंसना पड़ता है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से कच्चे माल और तैयार उत्पादों की आवाजाही आसान होगी। मुंबई-आग्रा महामार्ग पर बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए यह एक बेहतरीन वैकल्पिक मार्ग साबित होगा। जाम की समस्या सुलझाने के लिए आयुक्त ने पुलिस विभाग और मनपा अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने पर जोर दिया है।
प्रशासन का मानना है कि इस कनेक्टिंग रोड के पूर्ण होते ही सातपुर और अंबड के बीच का यात्रा समय काफी कम हो जाएगा। इससे न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि औद्योगिक वाहनों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं के खतरे में भी कमी आएगी।
निरीक्षण के दौरान मनीषा खत्री ने खत्री ने स्पष्ट किया कि विकास के नाम पर नागरिको को असुविधा नहीं होनी वाहिए, निर्माण कार्य के दौरान ट्रैफिक डायवर्जन के लिए उचित वैकल्पिक रास्तों और साइन बोर्ड की व्यवस्था करने को कहा गया है।
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कार्य की गुणवत्ता से समझौता किए बिना प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द पूरा करने के आदेश दिए गए है। सड़क के रास्ते में आने वाले अवैध निर्माण और यूटिलिटी लाइनों (बिजली, पानी) के शिफ्टिंग कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।