नासिक-त्र्यंबकेश्वर मार्ग स्थित दीप फाउंडेशन की ओक्रा कैंटीन का लाइसेंस निलंबित।
निरीक्षण में गंदगी और खाद्य पदार्थों में कॉकरोच सहित अन्य कीड़े मिलने की जानकारी।
FDA की टीम ने खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की।
कैंटीन का संचालन निजी ठेकेदार के पास था।
फाउंडेशन के अनुसार, ठेके की अवधि 18 नवंबर तक थी और उसका नवीनीकरण नहीं किया गया।
Nashik FDA Action Sandeep Foundation Okra Canteen license suspended: नासिक-त्र्यंबकेश्वर मार्ग स्थित संदीप फाउंडेशन की ओक्रा कैंटीन में गंदगी और खाद्य पदार्थों में कॉकरोच व अन्य कीड़े मिलने पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने लाइसेंस निलंबित कर दिया। कैंटीन का संचालन निजी ठेकेदार कर रहा था। फाउंडेशन ने स्पष्ट किया कि ठेके का नवीनीकरण नहीं किया गया था।
नासिक कॉलेज कैंटीन में विद्यार्थियों को मिलने वाले भोजन की स्वच्छता पर सवाल खड़े हुए हैं। नासिक-त्र्यंबकेश्वर मार्ग स्थित संदीप फाउंडेशन की ओक्रा कैंटीन में गंदगी और खाद्य पदार्थों में कॉकरोच सहित अन्य कीड़े पाए जाने के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई निरीक्षण के दौरान सामने आई खामियों के आधार पर की गई।
संदीप फाउंडेशन परिसर में इंजीनियरिंग सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों की पढ़ाई होती है। यहां बड़ी संख्या में विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त करते हैं। ऐसे में कैंटीन में अस्वच्छता की शिकायतों और निरीक्षण में मिली कमियों से विद्यार्थियों के भोजन की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार, विद्यार्थियों की ओर से ओक्रा कैंटीन में अस्वच्छता और खाद्य पदार्थों में कॉकरोच व अन्य कीड़े मिलने की शिकायतें की जा रही थीं। इन शिकायतों के आधार पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने कैंटीन का निरीक्षण किया।
जांच के दौरान गंदगी और खाद्य पदार्थों में कीड़े पाए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद खाद्य सुरक्षा के मद्देनजर कैंटीन का लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई की गई।
यह कार्रवाई FDA आयुक्त तुकाराम मुंडे, सह आयुक्त (खाद्य) मंगेश माने और सहायक आयुक्त (खाद्य) संदीप देवरे के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रतीक भट ने की।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अनुसार, खाद्य कारोबारियों के लिए प्रतिष्ठानों में स्वच्छता बनाए रखना, खाद्य पदार्थों का सुरक्षित भंडारण करना और उनका उचित रखरखाव सुनिश्चित करना आवश्यक है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और उसके तहत लागू नियमों का पालन भी अनिवार्य है।
विभाग ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विद्यार्थियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना संबंधित संचालकों की जिम्मेदारी है।
कार्रवाई के बाद संदीप फाउंडेशन ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि परिसर की कैंटीन का संचालन एक निजी ठेकेदार को सौंपा गया था। संस्था के अनुसार, संदीप फाउंडेशन और संदीप विश्वविद्यालय परिसर में 18 हजार से अधिक विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और उनके लिए कैंटीन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
फाउंडेशन ने बताया कि संबंधित कैंटीन के ठेके की अवधि 18 नवंबर तक थी और ठेके के नवीनीकरण को मंजूरी नहीं दी गई थी। संस्था के अनुसार, 19 नवंबर से कैंटीन का संचालन स्वयं करने की योजना थी।
फाउंडेशन ने विद्यार्थियों को अच्छा और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता भी जताई। फिलहाल FDA की कार्रवाई के बाद कैंटीन के संचालन और खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर स्थिति महत्वपूर्ण बनी हुई है।