डेंगू (सोर्स: सोशल मीडिया)
नासिक

Nashik Dengue Cases: डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच युवक की मौत, मनपा की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

Dengue Death Case In Nashik: नासिक के अंबड में 17 वर्षीय विनोद मडय्या की इलाज के दौरान मौत हो गई। डेंगू से मौत की आधिकारिक पुष्टि ब्लड रिपोर्ट के बाद होगी। सितंबर में 81 और अक्टूबर में 17 मामले मिले।

आलोक उमाकृष्ण

Highlights

  • अंबड में 17 वर्षीय विनोद मडय्या की इलाज के दौरान मौत हुई; डेंगू की पुष्टि रिपोर्ट के बाद होगी।

  • नासिक में सितंबर में डेंगू के 81 और अक्टूबर में अब तक 17 मामले सामने आए।

  • MIDC पुलिस स्टेशन में आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है।

Nashik Rising Dengue Cases In October: नासिक मनपा क्षेत्र में डेंगू की बीमारी के कारण उपचार के दौरान एक युवक की दुखद मौत होने का मामला सामने आया है।

मृतक युवक का नाम विनोद मडय्या था, जो अंबड औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक निजी कंपनी में कार्यरत था। इस घटना के बाद से स्थानीय नागरिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर सवाल फिर से खड़े हो गए हैं।

पाथर्डी फाटा क्षेत्र में पूर्व में डेंगू से हुई मौत के बाद अब अंबड में ऐसी ही घटना घटने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर चिंता जताई जा रही है। वहीं, नासिक नगर निगम के सूत्रों ने बताया कि संबंधित रक्त के नमूनों (ब्लड सैंपल) की रिपोर्ट आने के बाद ही आधिकारिक रूप से स्पष्ट हो सकेगा कि मृत्यु डेंगू से हुई थी या नहीं।

लगातार बढ़ रही डेंगू के मरीजों की संख्या

नासिक शहर में डेंगू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बीते सितंबर महीने में डेंगू के 81 मरीज मिले थे, जबकि अक्टूबर महीने में अब तक 17 मामले सामने आ चुके हैं। डेंगू से युवक की मौत होने के बावजूद मनपा स्वास्थ्य विभाग इस मामले से पूरी तरह अनभिज्ञ बना हुआ है।

हालांकि नगर निगम प्रशासन का दावा है कि अब तक डेंगू से किसी भी मरीज की मौत नहीं हुई है, लेकिन वस्तुस्थिति इसके विपरीत है। पाथर्डी स्थित नरहरी नगर में चार वर्षीय मासूम बालिका विपश्यना मिलिंद बनसोडे की मौत के बाद यह दूसरी मौत दर्ज की गई है।

क्या है मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, विनोद मडय्या (17) मूल रूप से झारखंड का रहने वाला था। वह वर्तमान में अंबड लिंक रोड स्थित गणेश स्वीट्स के पीछे रह रहा था। कुछ दिनों पहले उसे डेंगू का बुखार आया था। तबीयत बिगड़ने पर उसे पहले कामटवाडे स्थित उमा अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया।

लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार न होने के कारण उसके भाई ने उसे बेहतर इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया, जहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

इस मामले में एमआईडीसी पुलिस स्टेशन में आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया गया है और पुलिस आगे की जांच कर रही है। विनोद के परिवार में पिता, एक बहन और एक भाई हैं। उसका पार्थिव शरीर उसके पैतृक गांव झारखंड ले जाया गया, जहां उसका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।

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