Nashik Coaching Abuse Case: शिक्षण जगत को कलंकित करने वाली एक अत्यंत क्रोधजनक घटना नासिक के पखाल रोड इलाके में सामने आई है। जिस शिक्षिका पर भरोसा कर माता-पिता ने अपनी बेटी को पढ़ने के लिए भेजा था, उसी शिक्षिका ने अपने भांजे के साथ मिलकर 10वीं की एक नाबालिग छात्रा का यौन उत्पीड़न करवाया। इस सनसनीखेज मामले में मुंबई नाका पुलिस ने आरोपी शिक्षिका और उसके भांजे के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्य संदिग्ध महिला राशेदा रशिद शेख, पखाल रोड स्थित कसक पार्क इलाके में 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए निजी कोचिंग क्लास चलाती है। पीड़िता इसी क्लास में नियमित रूप से पढ़ने जाती थी। जुलाई 2024 से नवंबर 2025 के बीच यह उत्पीड़न निरंतर चलता रहा। पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, शिक्षिका राशेदा ने छात्रा पर नजर रखते हुए उसे विभिन्न बहानों से अपने घर के बेडरूम में भेजा। वहां राशेदा का भांजा सिबतेन रजा शेख (उम्र 20, महबूबनगर, वडालागांव) पहले से मौजूद था, जिसने पीड़िता के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए।
आरोप है कि इस घृणित कृत्य के बारे में किसी को न बताने के लिए दोनों संदिग्धों ने पीड़िता पर भारी दबाव बनाया। उसे समय-समय पर डराया-धमकाया गया और कभी प्रलोभन देकर उसका मुंह बंद करने की कोशिश की गई। लेकिन, लगातार हो रहे उत्पीड़न से तंग आकर पीड़िता ने साहस दिखाया और मुंबई नाका पुलिस स्टेशन पहुंचकर अपनी आपबीती सुनाई। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल संदिग्ध राशेदा शेख और सिबतेन शेख के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो कानून के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस उपनिरीक्षक मुस्तफा शेख मामले की अधिक जांच कर रहे हैं। दोनों संदिग्ध फिलहाल फरार हैं और उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस की विशेष टीमें भेजी गई हैं। विश्वास के इस रिश्ते में विश्वासघात की इस घटना से नासिक शहर के अभिभावकों में तीव्र रोष है। इस घटना ने एक बार फिर निजी कोचिंग क्लासेस में छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों ने दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की है।