नांदेड जिले में 1,02,218 किसानों को 861.56 करोड़ रुपये का कर्जमाफी लाभ।
तीन सूचियों में 1,97,912 किसान पात्र घोषित।
1,41,835 किसानों का आधार प्रमाणीकरण पूरा।
दो लाख रुपये से अधिक बकाया वाले पात्र किसानों के लिए एकमुश्त भुगतान योजना (OTS)।
शिकायत निवारण के लिए 1,840 शिकायतें मिलीं, जिनमें से 1,666 का निपटारा।
Nanded Agriculture Farmer Relief OTS Scheme: महाराष्ट्र की पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर शेतकरी कर्जमुक्ती योजना 2026 के तहत नांदेड जिले में 1,02,218 किसानों के खातों में 861.56 करोड़ रुपये जमा किए गए हैं। जिले में तीन सूचियों के जरिए 1,97,912 किसान पात्र घोषित हुए हैं। योजना से जुड़ी शिकायतों के लिए प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर 9284350731 जारी किया है।
नांदेड, महाराष्ट्र सरकार की पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर शेतकरी कर्जमुक्ती योजना 2026 के तहत नांदेड जिले के किसानों को राहत मिलनी शुरू हो गई है। प्रशासन के अनुसार, अब तक घोषित तीन सूचियों में जिले के 1,97,912 किसान पात्र पाए गए हैं। इनमें से 1,41,835 किसानों का आधार प्रमाणीकरण पूरा हो चुका है और 1,02,218 किसानों के बैंक खातों में कुल 861.56 करोड़ रुपये जमा किए गए हैं।
योजना की प्रक्रिया ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से संचालित की जा रही है। प्रशासन ने बताया कि आगे भी पात्र किसानों की सूचियां चरणबद्ध तरीके से जारी होंगी और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने वाले किसानों के खातों में राशि जमा की जाएगी।
राज्य सरकार के 2 जून 2026 के शासनादेश के अनुसार लागू योजना में व्यक्तिगत किसान को लाभ की इकाई माना गया है। एक अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2025 के बीच लिए गए अल्पावधि फसल ऋण या पुनर्गठित फसल ऋण, जो 30 सितंबर 2025 को बकाया थे और 31 मार्च 2026 तक चुकाए नहीं गए, उनके पात्र मामलों में दो लाख रुपये तक की कर्जमाफी का प्रावधान है।
जिन पात्र किसानों का बकाया दो लाख रुपये से अधिक है, उनके लिए एकमुश्त भुगतान योजना (OTS) लागू की गई है। ऐसे किसानों को दो लाख रुपये से अधिक की बकाया राशि 31 मार्च 2027 से पहले चुकानी होगी। इसके बाद नियमानुसार दो लाख रुपये तक का लाभ दिया जा सकता है।
योजना में उन किसानों के लिए 50 हजार रुपये तक के प्रोत्साहनपर लाभ का भी प्रावधान है, जिन्होंने निर्धारित वर्षों में समय पर फसल ऋण चुकाया है। इसके लिए वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 में से कम-से-कम दो वर्षों में लिए गए फसल ऋण की समय पर अदायगी और वर्ष 2025-26 में लिए गए फसल ऋण की समय पर अदायगी की शर्त बताई गई है।
प्रशासन के अनुसार, जिले के बैंकों ने पोर्टल पर कुल 2,24,847 बकाया ऋण खातों की जानकारी अपलोड की है। पात्र किसानों की पहली सूची 25 जुलाई 2026, दूसरी 11 सितंबर और तीसरी 12 अक्टूबर 2026 को जारी की गई।
योजना से जुड़ी शिकायतों के लिए तालुका स्तर पर तहसीलदार की अध्यक्षता में समितियां गठित हैं। अब तक ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से 1,840 शिकायतें मिलीं, जिनमें से 1,666 का निपटारा किया जा चुका है। सूची में नाम नहीं आने या पात्रता को लेकर संदेह होने पर किसान संबंधित बैंक या तालुका शिकायत निवारण समिति से संपर्क कर सकते हैं।
प्रशासन ने बोरगांव तेलंग निवासी किसान शंकर अबानराव क्षीरसागर के मामले में भी स्पष्टीकरण जारी किया है। सोशल मीडिया पर सामने आई जानकारी के अनुसार, कर्जमाफी सूची में नाम नहीं आने से उनकी आत्महत्या की बात कही गई थी।
प्रशासन के मुताबिक, क्षीरसागर ने 26 सितंबर 2023 को महाराष्ट्र ग्रामीण बैंक की वजीराबाद शाखा से 1.60 लाख रुपये का कर्ज लिया था। 31 मार्च 2026 तक उनके खाते पर 2,08,104 रुपये बकाया थे। बैंक ने उनके ऋण को OTS योजना के लिए पात्र बताया था। प्रशासन का कहना है कि संबंधित किसान की ओर से योजना के बारे में बैंक या तालुका उपनिबंधक कार्यालय में संपर्क या शिकायत दर्ज होने की जानकारी नहीं मिली।
जिला उपनिबंधक सहकारी संस्था शाहुराज हिरे ने किसानों से अपील की है कि सूची में नाम नहीं आने पर घबराएं नहीं और किसी भी तरह का अनुचित कदम न उठाएं। पात्रता या कर्जमाफी को लेकर शंका होने पर संबंधित बैंक, तहसीलदार या शिकायत निवारण समिति से संपर्क करें।
योजना से संबंधित शिकायतों और जानकारी के लिए जिला उपनिबंधक, सहकारी संस्था, नांदेड कार्यालय में अलग शिकायत निवारण कक्ष बनाया गया है। सहायक निबंधक ए. डी. भागानगरे को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
हेल्पलाइन नंबर: 9284350731