एलपीजी संकट (सोर्स: सोशल मीडिया) 
महाराष्ट्र

वसई-विरार में एलपीजी किल्लत से हाहाकार, ब्लैक में सिलेंडर बेचने के आरोप, प्रशासन पर उठे सवाल

Vasai Virar Gas Supply Crisis: नालासोपारा और वसई-विरार क्षेत्र में गैस सिलेंडर की भारी कमी से लोग परेशान हैं। आपूर्ति बाधित होने पर नागरिकों ने सड़क जाम कर विरोध जताया।

अपूर्वा नायक

Nalasopara LPG Shortage Protest: वसई-विरार इलाके में रसोई गैस (एलपीजी) की कमी ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। विशेष रूप से नालासोपारा में हालात इतने खराब हो गए हैं कि नागरिकों को सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ा।

पिछले दो से तीन हफ्तों से गैस सिलेंडर की आपूर्ति बाधित होने के कारण हजारों परिवारों की रसोई ठप हो गई है। नागरिकों का आरोप है कि, गैस सिलेंडर की बुकिंग के बावजूद आम जनता को समय पर गैस नहीं मिल रही, स्थिति इतनी बिगड़ गई कि गुस्साए लोगों ने बुधवार को सड़क पर उतरकर सड़क जाम कर दिया। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने सड़क पर सिलेंडर रखकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और जल्द से जल्द गैस आपूर्ति बहाल करने की मांग की।

सिलेंडर ब्लैक में बेचने का आरोप

इस दौरान, उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि, सामान्य बुकिंग करने पर गैस उपलब्ध नहीं हो रहा है, जबकि ब्लैक में 2500 से 3000 तक में सिलेंडर बेचे जा रहे हैं। इसके अलावा, छोटे 5 किलो वाले सिलेंडरों की आपूर्ति भी बंद कर दी गई है, जिससे समस्या और गंभीर हो गई है। उनका कहना है कि, कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही। नागरिकों की ओर से सवाल खड़े किए जा रहे हैं कि क्या यह सिर्फ लापरवाही है या फिर कोई बड़ा स्कैम और ब्लैक मार्केटिंग का खेल चल रहा है।

बढ़ता जा रहा आक्रोश

बताते चलें कि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का असर गैस आपूर्ति पर पड़ा है। इस संकट का सबसे अधिक असर निम्न आय वर्ग और दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ रहा है, नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर नियमित गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

बुकिंग के 20 दिनों बाद भी डिलीवरी नहीं

स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने समय पर गैस सिलेंडर बुक कराया था, लेकिन 15 से 20 दिन बीत जाने के बाद भी डिलीवरी नहीं हुई। इससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई परिवारों को मजबूरी में बाहर से खाना मंगवाना पड़ रहा है, जिससे उनके खर्च में भी इजाफा हुआ है।

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