त्रिकोणी फाइट (कार्टून) 
नागपुर

राजनीतिक खिचड़ी से मतदाताओं में उलझन, भाजपा-कांग्रेस-आघाडी की त्रिकोणी फाइट, बागियों पर भी नजर

Nagpur Latest News: सावनेर नगर परिषद चुनाव में इस बार राजनीतिक समीकरण बेहद रोचक और उलझे हुए नज़र आ रहे हैं। भाजपा, कांग्रेस और आघाड़ी के बीच सीधी त्रिकोणी फाइट बनने से चुनावी माहौल गर्मा गया है।

प्रिया जैस

Saoner: सावनेर में तीनों ही दलों के उम्मीदवार जोर-शोर से प्रचार में जुटे हैं, लेकिन पार्टी बदलने की तेज़ रफ्तार और नेताओं के लगातार ‘आयाराम-गयाराम’ वाले रुख ने मतदाताओं को भारी उलझन में डाल दिया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस बार स्थिति इतनी धुंधली है कि कई जगह यह समझना मुश्किल हो गया है कि कौन-सा प्रत्याशी किस पार्टी से चुनाव लड़ रहा है।

राजनीतिक खिचड़ी इतनी गाढ़ी हो चुकी है कि मतदाता स्वयं भ्रमित है। कल जिस नेता ने एक दल का झंडा उठाया था, आज वह दूसरे मंच पर दिखाई दे रहा है चुनावी मैदान में उतरे प्रत्याशी जनता को अपनी उपलब्धियां और वादे गिनाकर वोट मांग रहे हैं। लेकिन बार-बार दल बदलने का सिलसिला मतदाताओं के भरोसे को कमजोर कर रहा है।

अंतिम समय तक रहेगा रोमांच

नागरिकों का कहना है कि इतनी ज्यादा अदल-बदल के बाद असली प्रतिबद्धता समझना मुश्किल हो गया है। त्रिकोणी मुकाबले की इस परिस्थिति में अंतिम समय तक रोमांच बना रहेगा। अब देखना यह है कि जनता किस पार्टी को असली भरोसा देती है और इस राजनीतिक उलझन में कौन प्रत्याशी जीत की राह बनाता है।

आघाड़ी से दो दलों के वोटों का होगा ध्रुवीकरण

सावनेर नप चुनाव में अब तक भाजपा से मित्रपक्ष के तौर पर चुनाव लड़कर आघाड़ी भी सत्ता में रहती थी और छोटा भाई बड़ा भाई की यह दोस्ती उस समय टूटी ज़ब आघाड़ी के प्रस्ताव को भाजपा ने एकदम हल्के में लिया। क्योंकि भाजपा के बढ़ते प्रभाव से भी यह बात नहीं बनी और आघाड़ी ने चुनाव में अपने अलग प्रत्याशी मैदान में उतारे।

अब दोनों पार्टियों को अब तक का चुनाव लड़ने का तरीका पता हैं और खामियां भी पता हैं जिससे भाजपा के वोटों में सेंध लगना लाजमी होगा रही कांग्रेस की बात तो इस चुनाव में कांग्रेस में जोश आना अभी बाकी हैं। लेकिन इतना तय है कि आघाड़ी के अलग लड़ने से कांग्रेस से कई ज्यादा भाजपा को सीटों में नुकसान हो सकता है। क्योंकि हर प्रभाग में प्रत्याशी भी फूंक फूंक कर दिये हैं

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