नागपुर सार्वजनिक शौचालय( सोर्स: सोशल मीडिया ) 
नागपुर

नागपुर में सार्वजनिक शौचालय बदहाल, निरीक्षण में खुली पोल; स्वच्छता पर उठे सवाल नागरिक परेशान

Nagpur Public Toilets Condition: नागपुर में सार्वजनिक शौचालयों की हालत खराब पाई गई। सुलभ के शौचालय साफ, जबकि मनपा के शौचालय रखरखाव के अभाव में बदहाल मिले।

अंकिता पटेल

Nagpur NMC Sanitation Issue: नागपुर महानगर पालिका के घनकचरा प्रबंधन और उद्यान विभाग के अंतर्गत आने वाले सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति बेहद दयनीय और गंदी है। शहर के कई विकसित इलाकों में आज भी बुनियादी स्वच्छता सुविधाओं का भारी अभाव है।

हाई कोर्ट के आदेश के बाद याचिकाकर्ता संदीप बदाना, मनपा अधिकारियों और 'सुलभ इंटरनेशनल' के प्रतिनिधियों ने शहर के शौचालयों का संयुक्त रूप से निरीक्षण किया, जिसमें यह चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई।

सुलभ के शौचालय तुलनात्मक साफ, मनपा के खस्ताहाल : इस संयुक्त दौरे में मेयो अस्पताल परिसर, यशवंत स्टेडियम, भाजी मंडी और पंचशील टॉकीज परिसर के 8 प्रमुख शौचालयों की जांच की गई।

निरीक्षण में पाया गया कि 'सुलभइंटरनेशनल' द्वारा संचालित शौचालय तुलनात्मक रूप से साफ हैं। वहीं मनपा के घनकचरा प्रबंधन विभाग के अंतर्गत आने वाले शौचालय रखरखाव अनुबंध के अभाव में दयनीय अवस्था में हैं।

मनपा के विभिन्न विभागों जैसे घनकचरा, उद्यान और झोपड़पट्टी विभाग के बीच समन्वय की कमी के कारण इन शौचालयों के रखरखाव की समस्या काफी गंभीर हो गई है।

उद्यान विभाग के अधिकार क्षेत्र वाले शौचालय आज भी जर्जर अवस्था में हैं। सेनेटरी पैड मशीनें बंद और दिव्यांगों के लिए दिशानिर्देश नदारद निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ शौचालयों में दिव्यांगों के लिए व्यवस्था तो है, लेकिन वहां तक पहुंचने के लिए कोई मार्गदर्शक बोर्ड (साइन बोर्ड) नहीं लगाए गए हैं।

इसके अलावा, स्मार्ट शौचालयों में सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीनें काम कर रही हैं, लेकिन पुराने सुलभ शौचालयों में ये मशीनें बंद पड़ी हैं और धूल फांक रही हैं।

इस पूरी स्थिति और रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए हाई कोर्ट ने महानगर पालिका से इस मामले में विस्तृत जवाब मांगा है और मनपा को इसके लिए एक सप्ताह का समय दिया है।

कई विकसित इलाकों में एक भी 'पे एंड यूज' शौचालय नहीं

याचिकाकर्ता द्वारा अदालत में दिए गए हलफनामे के अनुसार मानकापुर, गोरेवाड़ा, गिट्टीखदान, हजारी पहाड़ और दाभा जैसे तेजी से विकसित हो रहे और घनी आबादी वाले इलाकों में एक भी ये एंड यूज' शौचालय नहीं है।

स्थिति सुधारने के लिए दिए गए 5 प्रमुख सुझाव

क्यूआर कोड: शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रत्येक शौचालय पर क्यूआर (QR) कोड लगाया जाए।

नोडल अधिकारी का नंबर संबंधित नोडल अधिकारी का संपर्क नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए।

दिन में 3 बार सफाई ठेकेदार द्वारा दिन में 3 बार सफाई।

की जाए और उसके जीपीएस फोटो एप पर अनिवार्य रूप से अपलोड किए जाएं।

तोकेशन की जानकारी मनपा के एप पर शौचालयों की लोकेशन और उनकी रियल टाइम' उपलब्धता की जानकारी मिले।

सीसीटीवी कैमरे तोड़फोड़ और चोरी रोकने के लिए शौचालयों के प्रवेश द्वार पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाए।

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