Nagpur Pension Increment Case: नागपुर महानगरपालिका से 30 जून को सेवानिवृत्ति के बाद 1 जुलाई को देय वार्षिक इंक्रीमेंट का लाभ देने और उसी के आधार पर उनके रिटायरमेंट और पेंशन लाभों को संशोधित करने की मांग को लेकर अब्दुल हनान एवं अन्य कर्मचारियों ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। याचिकाकर्ताओं का मानना था कि उनकी मांग पर लगभग 3 वर्षों से किसी तरह का निर्णय नहीं लिया गया।
याचिका पर सुनवाई के बाद न्यायाधीश अनिल पानसरे और न्यायाधीश रजनीश व्यास ने मनपा के अधिकारियों की बड़ी लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए मनपा आयुक्त को जांच का आदेश दिया।
30 जून को सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को 1 जुलाई के वार्षिक इंक्रीमेंट (वेतन वृद्धि) का लाभ देने के मामले में मनपा की 3 साल लंबी सुस्ती पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है।
कोर्ट ने कहा कि यह मुद्दा पहले ही औरंगाबाद खंडपीठ द्वारा (प्रकाश तुलसीराम चौधरी बनाम महाराष्ट्र राज्य मामले में) सुलझाया जा चुका है।
कानून तय होने के बावजूद मनपा ने 20 मार्च 2023 को एक पत्र जारी कर कहा कि यह लाभ केवल उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा जो अपने मामले में अदालत का फैसला पेश करेंगे। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मनपा का यह पत्राचार औरंगाबाद पीठ द्वारा स्थापित कानून के बिल्कुल विपरीत है।
हाई कोर्ट ने मनपा की इस दलील पर आश्चर्य व्यक्त किया। कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा, अगर निर्देश अगस्त 2023 में दिए गए थे तो सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके आवेदन जमा करने की सूचना देने में 3 साल का समय क्यों लगना चाहिए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि विभाग प्रमुखों की यह घोर विफलता निश्चित रूप से अनुशासनात्मक कार्रवाई के दायरे में आती है।
इस घोर लापरवाही को देखते हुए अदालत ने महानगरपालिका के आयुक्त को इस मामले की जांच कर दोषी अधिकारियों पर उचित कार्रवाई करने और स्थिति को सुधारने सुधारने के लिए आवश्यक कदम उठाने का सख्त निर्देश दिया है। आयुक्त को अगली सुनवाई से पहले की गई कार्रवाई और सुधारात्मक उपायों की रिपोर्ट हाई कोर्ट में अनिवार्य रूप से पेश करनी होगी।
सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि मनपा ने 30 अगस्त 2023 को एक सर्कुलर जारी किया था जिसमें संबंधित विभागों के प्रमुखों को निर्देश दिया गया था कि वे सेवानिवृत्त कर्मचारियों से नए आवेदन मांगें और उनकी सर्विस बुक की जांच कर उन्हें यह लाभ दें लेकिन जब कोर्ट ने नागपुर मनपा के वकील से पूछा कि क्या सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आवेदन के लिए पत्र भेजे गए हैं तो वकील ने चौंकाने वाला जवाब दिया। उन्होंने बताया कि मनपा में 40 विभाग प्रमुख हैं, इसलिए यह प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो पाई है।