नागपुर में जलभराव (सोर्स: नवभारत डिजाइन फोटो)
नागपुर में महज़ 3 घंटे की मूसलाधार (180 मिमी) बारिश ने पूरे शहर को जलमग्न कर दिया, जिससे बस्तियों से लेकर अंडरब्रिज तक पानी भर गया और प्रशासन के जल-निकासी के दावे पूरी तरह असफल साबित हुए। इस दौरान स्कूलों में फँसे बच्चों को रस्सियों से सुरक्षित बाहर निकालना पड़ा और भारी जलभराव के कारण जनजीवन पूरी तरह ठप्प हो गया।बेसा चौक पर जारी निर्माण कार्य और सड़कों पर पानी बहने से आवागमन बुरी तरह प्रभावित रहा। बेसा से मनीष नगर टी-पॉइंट और वर्धा रोड जाने वाले रास्तों पर चारों ओर जलभराव के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।बेसा इलाके में भारी बारिश के कारण हुडकेश्वर नाले का जलस्तर शाम 5 बजे के बाद तेजी से बढ़ा और पानी नाले के स्लैब को छूने लगा। नाले का पानी उफान पर आने से किनारे बने मकानों में पानी घुसने लगा, जिससे क्षेत्र के निवासियों में दहशत का माहौल बन गया।मूसलाधार बारिश के कारण उत्तर नागपुर के महावितरण 'नारा डीसी 33/11 केवी सब-स्टेशन' परिसर में भारी जलभराव हो गया है। सब-स्टेशन में पानी भरने से बिजली उपकरणों के संचालन में भारी परेशानी आ रही है और कर्मचारियों तथा राहगीरों के लिए करंट लगने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।पश्चिम नागपुर के महेशनगर, उत्थाननगर, राठौड़ लेआउट, स्वागतनगर, भूपेशनगर, प्रशांतनगर, ताजनगर, पेंशननगर और बोरगांव जैसे इलाकों में बारिश का पानी लोगों के घरों में घुस गया। बोरगांव निवासी प्रवीण हुंगे के अनुसार, घरों में 1 फीट से भी अधिक पानी भरने के कारण घरेलू सामान खराब हो गया और भारी नुकसान उठाना पड़ा।तेज बारिश के कारण स्टेशन के पश्चिमी हिस्से की ओर जाने वाला टेकड़ी रोड पूरी तरह जलमग्न हो गया। घुटनों तक पानी भर जाने से कई वाहन बंद हो गए और स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों को भारी जलभराव के बीच पैदल चलने पर मजबूर होना पड़ा।मूसलाधार बारिश के कारण एयरपोर्ट के मुख्य द्वार, पार्किंग एरिया, सीआईएसएफ (CISF) कार्यालय मार्ग और कार्गो ऑफिस के पास भारी जलभराव हो गया। हाल ही में एयरपोर्ट का जिम्मा संभालने वाले जीएमआर (GMR) ग्रुप द्वारा निकासी की बुनियादी समस्याओं पर ध्यान न देने के कारण अंतरराष्ट्रीय विमानतल के रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।