नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में करीब 8,300 डबल नाम होने का दावा।
चुनाव में बोगस वोटिंग की आशंका को लेकर चिंता जताई गई।
उम्मीदवार अभिजीत वंजारी ने डबल नामों पर कलर कोडिंग का सुझाव दिया।
एक केंद्र पर मतदान के बाद दूसरे केंद्रों को सूचना देने की मांग।
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने भी मतदाता पंजीयन फॉर्म को लेकर सवाल उठाए थे।
Nagpur Graduate Election Duplicate Voter Names: नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव से पहले मतदाता सूची में करीब 8,300 नाम दोहराए जाने का दावा किया गया है। इससे बोगस वोटिंग की आशंका जताई जा रही है। उम्मीदवार अभिजीत वंजारी ने डबल नामों की पहचान के लिए कलर कोडिंग और मतदान के बाद अन्य केंद्रों को सूचना देने का सुझाव दिया है।
नागपुर, विधान परिषद के नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र चुनाव से पहले मतदाता सूची को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सूची में करीब 8,300 मतदाताओं के नाम दोहराए जाने का दावा किया जा रहा है। इसे देखते हुए चुनाव में बोगस वोटिंग की आशंका जताई जा रही है।
नागपुर सीट पर ढाई लाख से अधिक स्नातक मतदाताओं के पंजीयन की जानकारी दी गई है। कांग्रेस, भाजपा सहित विभिन्न राजनीतिक दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों ने मतदाता पंजीयन के लिए अभियान चलाया था। आरोप है कि अलग-अलग कार्यकर्ताओं की ओर से एक ही मतदाता के नाम के फॉर्म एक से अधिक बार जमा होने के कारण सूची में डुप्लीकेट नाम शामिल हो गए।
मतदाता सूची में बड़ी संख्या में नाम दोहराए जाने पर उम्मीदवार अभिजीत वंजारी ने चिंता जताई है। उन्होंने सुझाव दिया कि जिन मतदाताओं के नाम सूची में एक से अधिक बार दर्ज हैं, उनके नाम के सामने कलर कोड किया जाए।
उनका सुझाव है कि यदि कोई मतदाता एक मतदान केंद्र पर वोट डाल चुका है, तो इसकी सूचना तत्काल अन्य संबंधित केंद्रों तक पहुंचाई जाए। इससे एक ही मतदाता के दोबारा मतदान करने की आशंका को रोकने में मदद मिल सकती है।
डुप्लीकेट नामों को लेकर अब तक प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए गए हैं, इस बारे में उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट विवरण नहीं है। वंजारी के सुझाव पर प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया भी सामने नहीं आई है।
मतदाता सूची की जांच, डुप्लीकेट प्रविष्टियों की पहचान और मतदान केंद्रों के बीच समन्वय जैसे उपाय चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
इससे पहले कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा जमा किए गए कई मतदाता पंजीयन फॉर्म को जानबूझकर शामिल नहीं किया गया। इस आरोप की भी आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव से पहले मतदाता सूची में डुप्लीकेट नामों और पंजीयन प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों के बीच अब प्रशासन के स्पष्टीकरण और सुधारात्मक कदमों पर नजर रहेगी।