नागपुर AIIMS (सोर्स: सोशल मीडिया) 
नागपुर

रेजिडेंट डॉक्टर ने प्रोफेसर की कर दी पिटाई, नागपुर AIIMS की साख पर फिर लगा सवालिया निशान

Nagpur AIIMS में रेजिडेंट डॉक्टर ने न्यूरोसर्जरी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर की वार्ड में पिटाई की। प्रबंधन ने शिकायत दर्ज नहीं कराकर इस मामले दबा दिया। संस्थान ने घटना से इनकार किया।

आकाश मसने

Resident Doctor Assaults AIIMS Associate Professor: नागपुर के मिहान इलाके में स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) हाल ही में कई वजहों से सुर्खियों में रहा। हाल ही में एम्स में एक रेजिडेंट डॉक्टर ने वार्ड में ही एक एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर की पिटाई का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जानी थी और मेडिको-लीगल केस भी दर्ज होना था लेकिन मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।

क्या है पूरा मामला?

घटना नागपुर एम्स के न्यूरोसर्जरी विभाग में दोपहर को हुई। वार्ड में शुरू हुई बहस के बाद यह मामला सामने आया। इसी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. वैरिड कटियार कार्यरत हैं। वह वार्ड में सबके सामने एक रेजिडेंट डॉक्टर पर भड़क गए। सबके सामने गुस्सा होने के कारण रेजिडेंट डॉक्टर अपना नियंत्रण खो बैठा।

शुक्रवार को गुस्साए रेजिडेंट डॉक्टर वार्ड में ही मरीजों, परिजनों और मौजूद अन्य रेजिडेंट डॉक्टरों के सामने उनकी पिटाई कर दी गई। इस घटना के बाद हड़कंप मच गया। पिटाई के दौरान रेजिडेंट डॉक्टर अपनी परेशानी का इजहार करता रहा। रेजिडेंट डॉक्टर का कहना था कि ढंग से ड्यूटी नहीं लगाई जाती और नियमानुसार काम नहीं दिया जाता है।

मारपीट की सूचना तुरंत विभाग प्रमुख डॉ. आलोक उमरेडकर तक पहुंची। यह घटना सभी विभागों में आग की तरह फैल गई और पुलिस में शिकायत दर्ज कराने पर भी चर्चा हुई लेकिन बैठक में यह बात कही गई कि अगर मामला पुलिस तक पहुंचा तो संस्थान की छवि धूमिल होगी। सूत्रों ने बताया कि इस मामले में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई।

मारपीट की घटना से किया इनकार

एम्स में एक रेजिडेंट डॉक्टर (जेआर) द्वारा एसोसिएट प्रोफेसर पर हमला किए जाने की खबर सामने आने के बाद विभाग प्रमुख डॉ. आलोक उमरेडकर ने दावा किया कि एम्स में ऐसी कोई घटना नहीं हुई। वहीं अन्य सरकारी अस्पतालों में चर्चा है कि यह घटना हुई है।

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